Wedding Card Vastu Tips: सनातन धर्म में जीवन को संस्कारों के माध्यम से पूर्ण माना गया है। शास्त्रों में कुल 16 संस्कार बताए गए हैं, जिनमें विवाह संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र माना गया है। विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मिलन होता है। ऐसे में विवाह का निमंत्रण पत्र यानी शादी का कार्ड, इस शुभ यात्रा का पहला औपचारिक संदेश होता है।
बहुत कम लोग जानते हैं कि शादी के कार्ड का सीधा संबंध वास्तु शास्त्र से भी होता है। वास्तु के अनुसार यदि विवाह पत्रिका सही रंग, सही शब्दों और शुभ प्रतीकों के साथ बनाई जाए, तो दांपत्य जीवन सुखी, समृद्ध और संतुलित रहता है। वहीं छोटी-सी गलती भी वैवाहिक जीवन में बाधा, तनाव या कलह का कारण बन सकती है।
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Wedding Card Vastu Tips: विवाह कार्ड के लिए कौन-से रंग होते हैं शुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार रंगों का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। शादी के कार्ड के लिए निम्न रंग अत्यंत शुभ माने जाते हैं:
• लाल रंग: प्रेम, ऊर्जा और वैवाहिक सुख का प्रतीक
• पीला रंग: समृद्धि, ज्ञान और शुभता का संकेत
• केसरिया रंग: पवित्रता और धार्मिकता का प्रतीक
• क्रीम या हल्का सुनहरा रंग: शांति और सौहार्द का संकेत
गलती से भी इन रंगों से बचें:
काला, गहरा भूरा या गहरा नीला रंग वास्तु में नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे रंगों में छपा कार्ड वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ा सकता है।
Wedding Card Vastu Tips: शादी के कार्ड पर कौन-से प्रतीक होने चाहिए?
विवाह निमंत्रण पत्र में शुभ प्रतीकों का होना अत्यंत आवश्यक माना गया है। ये प्रतीक सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।
Wedding Card Vastu Tips: 1. भगवान गणेश की तस्वीर
किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणपति पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। शादी के कार्ड पर भगवान गणेश की तस्वीर या नाम अवश्य होना चाहिए।
Wedding Card Vastu Tips: 2. स्वास्तिक चिन्ह चिन्ह
स्वास्तिक शुभता, मंगल और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसे कार्ड के शीर्ष या कोने में स्थान देना शुभ होता है।
Wedding Card Vastu Tips: 3. कलश का चित्र
कलश समृद्धि, सुख और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। विवाह कार्ड में कलश का चिन्ह दांपत्य जीवन को स्थायित्व देता है।
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Wedding Card Vastu Tips: शादी के कार्ड में शब्दों का चयन क्यों है जरूरी?
वास्तु के अनुसार शब्दों में ऊर्जा होती है। शादी के कार्ड पर लिखे गए शब्द वर-वधू के जीवन पर प्रभाव डालते हैं।
• भाषा सरल, मधुर और शुद्ध होनी चाहिए
• भारी-भरकम, कठिन या नकारात्मक शब्दों से बचें
• अपशब्द, व्यंग्य या अशुभ वाक्यांश न लिखें
• मुहूर्त, तिथि और स्थान साफ-साफ और स्पष्ट लिखा होना चाहिए
ध्यान रखें: कार्ड में किसी भी प्रकार की अशुद्धि या गलत जानकारी भ्रम और बाधा उत्पन्न कर सकती है।
Wedding Card Vastu Tips: इन तस्वीरों और डिज़ाइनों से बनाएं दूरी
आजकल डिजाइन के नाम पर लोग अजीबोगरीब आकृतियां छपवा देते हैं, जो वास्तु के अनुसार अशुभ मानी जाती हैं।
• युद्ध, हथियार या संघर्ष दर्शाने वाली तस्वीरें
• सूखे पेड़, टूटी हुई आकृतियां
• उदासी या अकेलेपन को दर्शाने वाले चित्र
ऐसे डिजाइन नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करते हैं और वैवाहिक जीवन में मानसिक तनाव ला सकते हैं।
Wedding Card Vastu Tips: शादी के कार्ड का पहला निमंत्रण किसे दें?
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि पहला शादी का कार्ड हमेशा –
• अपने कुलदेवता
• या भगवान गणेश
को अर्पित करना चाहिए। इसके बाद ही अन्य लोगों को निमंत्रण देना शुभ माना जाता है। इससे विवाह निर्विघ्न संपन्न होता है।
Wedding Card Vastu Tips: शादी का कार्ड बनवाते समय रखें ये खास सावधानियां
• कार्ड साफ-सुथरे और उच्च गुणवत्ता वाले कागज पर छपवाएं
• बहुत ज्यादा भड़कीले या अत्यधिक आधुनिक डिजाइन से बचें
• कार्ड का आकार संतुलित और सुगठित हो
• छपाई में गलती होने पर उसी कार्ड को बांटने से बचें
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