Makar Sankranti 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान सूर्य की आराधना के पावन पर्व मकर संक्रांति 2026 पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस शुभ अवसर पर उन्होंने जन-कल्याण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत की महत्ता को याद दिलाया और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और आरोग्यता की कामना की।
Makar Sankranti 2026: गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा
मकर संक्रांति के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और वहां शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई और मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण देखा गया। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और सभी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महापर्व का आनंद लिया।
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Makar Sankranti 2026: जन-कल्याण और सामाजिक समरसता का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह जन-कल्याण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्कर्ष का प्रतीक है। यह पर्व समाज में भाईचारे, सहयोग और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस पर्व को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ मनाएं।
उन्होंने कहा, ‘भगवान सूर्य की उपासना जीवन में नई ऊर्जा, प्रकाश और उत्साह का संचार करती है। यह महापर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और स्वास्थ्य लेकर आए।’
Makar Sankranti 2026 : गोरखनाथ मंदिर में अनोखी परंपरा
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस अवसर पर गुरु श्री गोरखनाथ जी को अर्पित खिचड़ी का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री, जो स्वयं गोरखनाथ पीठ के महंत भी हैं, ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठान ने पूरे मंदिर को भक्तिमय बना दिया।
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Makar Sankranti 2026: सांस्कृतिक परंपराओं का महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि मकर संक्रांति जैसे पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं। यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है और जीवन में सकारात्मक बदलाव और नई शुरुआत का संदेश देता है। इस दिन दान, स्नान और पूजा का विशेष महत्व होता है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि ऐसे पर्व समाज को एकजुट करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में मदद करते हैं। इस तरह के आयोजन समाज में भाईचारे, सहयोग और सेवा भावना को बढ़ावा देते हैं।
Makar Sankranti 2026: प्रदेश में उत्सव का माहौल
मकर संक्रांति के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में उत्सव का माहौल देखने को मिला। गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों के तटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। कई स्थानों पर खिचड़ी, तिल-गुड़ और दान-पुण्य के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पतंगबाजी और लोक परंपराओं के माध्यम से लोग पर्व का हर्षोल्लास मनाते नजर आए। सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संगठनों ने भी प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र वितरण किए गए।
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Makar Sankranti 2026: स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूर्य उपासना ऊर्जा, अनुशासन और स्वास्थ्य का प्रतीक है। मकर संक्रांति हमें अपने जीवन में सकारात्मक सोच और सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा देती है।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और जनकल्याण का प्रतीक है। गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और पर्व को परंपरा, आस्था और सेवा भाव के साथ मनाने की अपील की।
यह पर्व हमें याद दिलाता है कि समाज और राष्ट्र का समग्र विकास केवल परंपरा, आस्था और सेवा भाव से ही संभव है।
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