NSIL 2026 Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मंथन का केंद्र बनने जा रही है। उच्च शिक्षा में संस्थागत सुदृढ़ीकरण, नेतृत्व विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय संस्थागत नेतृत्व शिखर सम्मेलन (NSIL 2026 Jaipur)’ का आयोजन 16 और 17 फरवरी को किया जा रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे।
राजस्थान विश्वविद्यालय की अहम पहल
यह सम्मेलन University of Rajasthan, उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार और विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है।कार्यक्रम का आयोजन जयपुर स्थित Rajasthan International Centre में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय आयोजन (NSIL 2026 Jaipur) का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाना है।
विकसित भारत 2047 में उच्च शिक्षा की भूमिका
मुख्यमंत्री अपने उद्घाटन (NSIL 2026 Jaipur) संबोधन में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में उच्च शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। वे युवा शक्ति के सशक्तीकरण, कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शैक्षणिक सुधारों पर मार्गदर्शन देंगे। सरकार का मानना है कि मजबूत संस्थागत नेतृत्व और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता।
देशभर से 1500 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
सम्मेलन (NSIL 2026 Jaipur) में देश के 250 से अधिक विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के कुलपति, निदेशक, प्राचार्य और वरिष्ठ शिक्षाविद् भाग लेंगे। लगभग 1500 प्रतिनिधि इस समागम में हिस्सा लेकर शिक्षा जगत के विविध आयामों पर चर्चा करेंगे। यह सम्मेलन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नीति निर्माण, शोध उन्नयन और संस्थागत परिवर्तन के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा।
28 सत्रों में गहन विमर्श
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान कुल 28 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें 6 प्रमुख विषयों (थीम्स) पर 4 समानांतर सत्रों के माध्यम से गहन चर्चा होगी। सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं का संवर्धन, अनुसंधान उन्नयन, प्रौद्योगिकी का समावेश और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के शैक्षणिक उपयोग जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा। इसके अलावा, ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल’ पर चर्चा के लिए यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जगदीश कुमार का विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जो शिक्षा नीति के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करेगा।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
उद्घाटन सत्र में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वहीं समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का सानिध्य भी सम्मेलन (NSIL 2026 Jaipur) को प्राप्त होगा। यह उच्च स्तरीय उपस्थिति सम्मेलन की राष्ट्रीय महत्वता को दर्शाती है।
‘जयपुर घोषणा-पत्र’ बनेगा मार्गदर्शक दस्तावेज
सम्मेलन के दौरान प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं को संकलित कर ‘जयपुर घोषणा-पत्र’ के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह घोषणा-पत्र उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नीतिगत सुधारों और संस्थागत परिवर्तन के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा। यह पहल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के शिक्षा तंत्र को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकती है। NSIL 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा के भविष्य को आकार देने की एक राष्ट्रीय (NSIL 2026 Jaipur) पहल है। मजबूत नेतृत्व, नवाचार और नीति सुधारों के माध्यम से यह आयोजन शिक्षा जगत में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाता है। जयपुर में आयोजित यह शिखर सम्मेलन देशभर के शिक्षाविदों के लिए विचार-विमर्श और सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
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