कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता के दौरान एक ऐसा बयान दिया जिसने राजनीतिक तापमान को गर्म कर दिया हैं। उन्होंने इस बयान मेंं औबेसी समुदाय के लिए अपनी पार्टी की गलतियों पर दुख जताया और कहा, “मैंने एक गलती की, मैंने ओबीसी समाज का प्रोटेक्शन नहीं किया, यह मेरी गलती थी।”
इस बयान के जरिए राहुल गांधी ने ओबीसी समुदाय के प्रति अपनी पार्टी की नीतियों में हमेशा की जाने वाली कमी स्वीकार को स्वीकार किया हैं, उनकी पार्टी उस समुदाय पर कम ध्यान दे रही थी, जो देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है।
Rahul Gandhi : क्या चुनावी हैं माफी ?
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में जातिगत समीकरण और सामाजिक न्याय के मुद्दे लगातार चर्चा में हैं। ओबीसी समुदाय, जो भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है, हमेशा से राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। राहुल गांधी का यह स्वीकारोक्ति भरा बयान कांग्रेस की रणनीति में बदलाव या आत्ममंथन का संकेत हो सकता हैं।

बीजेपी ने किया तीखा हमला
Rahul Gandhi के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “अब कांग्रेस को अगले 30 साल कोई नहीं पूछने वाला है। कांग्रेस चाहती तो अपने शासनकाल में ओबीसी समाज का उद्धार कर सकती थी।” कश्यप का यह बयान कांग्रेस के लंबे शासनकाल के दौरान ओबीसी समुदाय के लिए ठोस नीतियों के अभाव की ओर इशारा करता दिख रहा है।
#Congress नेता @RahulGandhi ने हाल ही में कहा “मैंने एक गलती की, मैंने #OBC समाज का प्रोटेक्शन नहीं किया, यह मेरी गलती थी।” pic.twitter.com/dxi6UBewE0
— Lokhit Kranti News (@KrantiLokh53958) July 28, 2025
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास देखें तो, पार्टी ने अपने शासनकाल में कई सामाजिक कल्याण योजनाएं लागू की थीं, लेकिन ओबीसी समुदाय के लिए विशेष नीतियों को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने में कांग्रेस की भूमिका और उसकी गति पर भी विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं।
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