Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब सियासी लड़ाई का अगला और सबसे अहम पड़ाव महापौर चुनाव बन गया है। खासतौर पर मुंबई महानगरपालिका में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। दलबदल और सेंधमारी की आशंका को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपने-अपने नवनिर्वाचित नगरसेवकों को एकजुट रखने की रणनीति में जुट गए हैं। इसी कड़ी में ‘गुट पंजीकरण’ की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुंबई सहित राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में महापौर चुनाव से पहले पार्टियों को यह डर सता रहा है कि कहीं उनके पार्षद टूट न जाएं। यही वजह है कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) से लेकर बीजेपी और शिंदे गुट तक, सभी दल अपने-अपने खेमे को मजबूत करने में लगे हैं। आज शिवसेना (UBT) अपने मुंबई के 65 जीते हुए नगरसेवकों का गुट पंजीकरण कोकण भवन में कराने जा रही है।
महापौर चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सतर्कता
मुंबई महानगरपालिका चुनाव में महायुति को भले ही स्पष्ट बहुमत मिला हो, लेकिन राज्य की बाकी 28 महानगरपालिकाओं में कई जगह स्थिति त्रिशंकु बनी हुई है। ऐसे में हर एक नगरसेवक की भूमिका अहम हो गई है। यही कारण है कि राजनीतिक दल अपने चुने हुए प्रतिनिधियों पर खास नजर बनाए हुए हैं।
Maharashtra Politics- दलबदल के डर ने बढ़ाई बेचैनी
निकाय चुनाव के नतीजों के बाद सभी दल अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हैं। इसी बीच तोड़फोड़ और दलबदल की आशंका ने पार्टियों की नींद उड़ा दी है। इससे बचने के लिए गुट गठन और उसके पंजीकरण को सबसे प्रभावी हथियार माना जा रहा है। शिवसेना (UBT) ने अपने सभी पार्षदों को दादर स्थित शिवसेना भवन से बसों में नवी मुंबई के कोकण भवन ले जाकर पंजीकरण कराने की व्यवस्था की है।
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Maharashtra Politics- राज ठाकरे और अन्य दल भी करेंगे पंजीकरण
सूत्रों के मुताबिक, अगले एक-दो दिनों में मनसे, कांग्रेस, एनसीपी समेत अन्य दल भी अपने-अपने नवनिर्वाचित नगरसेवकों के साथ कोकण विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर गुट पंजीकरण कराएंगे। इसके लिए बीते कुछ दिनों से दलों के भीतर लगातार बैठकों का दौर जारी है।
मुंबई में महापौर की लड़ाई सबसे रोचक
मुंबई महानगरपालिका में महापौर पद की दौड़ सबसे दिलचस्प बन गई है। बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के पास मिलकर 118 सीटें हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 114 है। अकेले बीजेपी के पास 89 नगरसेवक हैं, ऐसे में शिंदे गुट के 28-29 पार्षद निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं।
Maharashtra Politics- पार्षदों को ‘होटल पॉलिटिक्स’ में रखा गया
सूत्रों की मानें तो शिंदे गुट ने अपने नगरसेवकों को टूट से बचाने के लिए उन्हें पंचतारांकित होटल में ठहराया है। यही नहीं, अन्य दल भी अपने पार्षदों को सुरक्षित और एकजुट रखने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं।
Maharashtra Politics- गुट पंजीकरण क्यों है इतना अहम?
गुट पंजीकरण के बाद पार्टी का व्हिप सभी नगरसेवकों पर लागू हो जाता है। व्हिप का उल्लंघन करने पर पार्षद के खिलाफ निलंबन या अयोग्यता जैसी कार्रवाई हो सकती है। महापौर चुनाव के दौरान दगाफटका और राजनीतिक सेंधमारी को रोकने में यह प्रक्रिया बेहद कारगर मानी जाती है।

Maharashtra Politics- मुंबई महानगरपालिका में मौजूदा दलगत स्थिति
- भाजपा – 89
- शिवसेना (शिंदे गुट) – 28
- शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) – 65
- कांग्रेस – 24
- AIMIM – 8
- मनसे – 6
- एनसीपी (अजित पवार गुट) – 3
- एनसीपी (शरद पवार गुट) – 1
इस बार एक भी निर्दलीय नगरसेवक के न चुने जाने से अन्य दलों के पार्षदों को तोड़ने की संभावना और बढ़ गई है। यही वजह है कि महाराष्ट्र की सियासत में गुट पंजीकरण इस वक्त सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है।



