Noida News : नोएडा में थाना बिसरख पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेज के जरिए जन्मप्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रेंट एग्रीमेंट, बिजली का बिल, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले बिल, मोहर और अन्य सामान बरामद हुआ है।
Noida News : अब पढ़े पूरा मामला
मामले में जानकारी देते हुए डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि थाना बिसरख पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस के जरिए सूचना मिली थी की महागुन मार्ट गौर सिटी-2 ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित शॉप YOY CAPITAL INFRA PVT-LTD में दुकानदार व उसके साथियों द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जब यहां छापा मारा तो नौ लोगों को पकड़ा। जिनकी पहचान अजय कुमार जयसवाल, अंकित कुमार, दीपक, विशेष कुमार, आकाश, अमित विश्वकर्मा, आशुतोष पाण्डेय, सुखपाल और सानू के रूप में हुई है। इनमें से अजय कुमार जयसवाल गैंग का लीडर है।

डीसीपी के अनुसार, दुकान मालिक अजय कुमार जायसवाल एमबीए पढ़ा हुआ है। जो ग्राहक से कागजात को तैयार करने का ऑर्डर लेता था। ये पिछले 6 साल से महागुन मार्ट में दुकान चला रहा है। महीने में करीब 7 लाख रुपए अवैध रूप से कमाते है। अजय स्वंय और अपने यहां पर काम कर रहे कर्मचारियों से दस्तावेजों में एडिटिंग जन सुविधा केन्द्र/डीजी सेवा की आईडी का प्रयोग कर दस्तावेज तैयार करता है। ये लोग फर्जी दस्तावेजो का प्रयोग कर आधार कार्ड, केवाईसी करने का कार्य करते है।
Noida News : ये था दस्तावेज बनाने का तरीका
ये सभी लोग फर्जी दस्तावेजो को तैयार कर नया आधार कार्ड अपडेट, जन्मप्रमाण पत्र, पेन कार्ड, रेन्ट एग्रीमेंट, निवास प्रमाण पत्र आदि तैयार करते है। जिनके कागजात पूरे नहीं होते है तो यह अपनी तरफ से फर्जी बिल, फर्जी दस्तावेज लगाकर उसके सरकारी कागजातों को अपडेट करा देते है। अपडेट कराने के लिए केवाईसी के लिए उन कस्टमर को इंडसइंड बैंक क्रॉसिंग रिपब्लिक में भेजते है। जहां बैंक का गार्ड सुखपाल व केवाईसी करने वाला व्यक्ति आकाश आधार कार्ड को बनाता है। आवश्यकता अनुसार अपडेट भी करते है। डीसीपी ने बताया कि ये लोग एक फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए 3000 रुपए लेते थे। ये लोग रोजाना लगभग 15 हजार रुपए कमाते थे। ये सभी विगत 6 साल से ये इस काम लिप्त है। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।



