Noida News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार से हवाई जहाज को उतारने और उड़ाने का ट्रायल शुरू होना था, लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की अनुमति नहीं मिलने के कारण स्थगित हो गया है। डीजीसीए ने इस ट्रायल के लिए एक महीने के बजाए एक दिन में टेस्टिंग पूरी करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
4 प्रकार के लगेंगे लइसेंस
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह से मिली जानकारी में पता चला है कि एयरपोर्ट को संचालन के लिए 4 प्रकार के लाइसेंस आवश्यक होते हैं। इनमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस), रनवे और कैलीब्रेशन की जांच शामिल है, जो पहले ही पूरी हो चुकी हैं। अब अंतिम चरण में कॉमर्शियल उड़ानों को आरंभ करने के लिए एयरोड्रोम लाइसेंस का आवेदन किया जाना है। इसके लिए डीजीसीए से फ्लाइट ट्रायल की अनुमति अनिवार्य है।
एक साथ 186 विमान हो सकते है खड़े
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का एक मात्र हवाई अड्डा होगा जिसके पास छह रनवे होंगे अभी तक भारत के किसी भी हवाई अड्डे पर इतने रनवे में नहीं है। इससे कम दिल्ली के हवाई अड्डे पर तीन रनवे है। इस चीज में भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बेहद खास है। अगर हम विमान के खड़े होने की बात करें तो एक साथ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 186 विमान खड़े हो सकते हैं। इसको लेकर बहुत ही अच्छे तरीके से इंतज़ाम किए गए हैं।
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