Union Budget Parliament Reaction: संसद के बजट सत्र के दौरान जब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश किया, तो पूरे देश की निगाहें न केवल बजट के प्रावधानों पर थीं, बल्कि इस पर भी थीं कि राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं की पहली प्रतिक्रिया क्या रहती है। बजट पेश होते ही सत्ता पक्ष और सहयोगी दलों के नेताओं ने मीडिया के सामने अपनी राय रखी।
इस कड़ी में चिराग पासवान, शांभवी चौधरी, निशिकांत दुबे और रविशंकर प्रसाद के बयान खास चर्चा में रहे। किसी ने इसे विकासोन्मुखी बताया, तो किसी ने इसे ‘आम आदमी को ताकत देने वाला बजट’ करार दिया।
Union Budget Parliament Reaction: चिराग पासवान का बयान – ‘युवा और गरीब केंद्र में हैं’
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने बजट को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से युवाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
चिराग पासवान के मुताबिक, ‘यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।’
उन्होंने रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप को लेकर किए गए प्रावधानों की सराहना की। चिराग ने कहा कि बजट में बिहार और पूर्वी भारत के विकास की झलक भी दिखती है, जो क्षेत्रीय संतुलन की सोच को दर्शाता है।
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Union Budget Parliament Reaction: शांभवी चौधरी ने क्या कहा? – ‘महिला और सामाजिक सशक्तिकरण का बजट’
युवा सांसद शांभवी चौधरी ने बजट को समावेशी और दूरदर्शी बताया। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए किए गए ऐलानों की तारीफ की।
उनका कहना था कि, ‘यह बजट महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक ताकत के रूप में देखने की सोच को दर्शाता है।’
शांभवी चौधरी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़े निवेश को भविष्य के भारत की नींव बताया। उनके अनुसार, बजट में सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के बीच संतुलन साफ दिखाई देता है।
Union Budget Parliament Reaction: निशिकांत दुबे का हमला और समर्थन – ‘विकसित भारत की मजबूत नींव’
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बजट को लेकर तीखा लेकिन आत्मविश्वास से भरा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट उन लोगों को जवाब है जो भारत की अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।
निशिकांत दुबे के मुताबिक, ‘यह बजट बताता है कि भारत अब सिर्फ उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक निर्णायक वैश्विक ताकत बनने की ओर बढ़ रहा है।’
उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, हाईवे और डिजिटल इंडिया से जुड़े प्रावधानों को ‘गेम चेंजर’ बताया। साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आलोचना करने वालों को यह समझना चाहिए कि दीर्घकालिक विकास के लिए ऐसे फैसले जरूरी हैं।
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Union Budget Parliament Reaction: रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया – ‘भरोसे और स्थिरता का बजट’
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बजट को भरोसे का दस्तावेज बताया। उनके अनुसार, सरकार ने आर्थिक अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने की कोशिश की है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘यह बजट साबित करता है कि सरकार गरीब, किसान, मध्यम वर्ग और उद्योग – सबको साथ लेकर चलने की नीति पर कायम है।’
उन्होंने टैक्स सिस्टम में स्थिरता, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश को बढ़ावा देने वाले कदमों की सराहना की। रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत को मजबूत बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।
Union Budget Parliament Reaction: बजट पर सियासी संकेत क्या कहते हैं?
चारों नेताओं की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि सत्ता पक्ष और उसके सहयोगी दल इस बजट को विकास, भरोसे और समावेशन का प्रतीक मान रहे हैं।
- चिराग पासवान ने इसे युवा-केंद्रित बताया
- शांभवी चौधरी ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया
- निशिकांत दुबे ने इसे विकसित भारत का रोडमैप कहा
- रविशंकर प्रसाद ने इसे आर्थिक स्थिरता और भरोसे का बजट बताया
इन बयानों से यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में सरकार बजट को लेकर जनता के बीच सकारात्मक नैरेटिव बनाने की रणनीति पर काम करेगी।
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