By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Jana Gana Mana History: क्या अंग्रेजों के सम्मान में रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था राष्ट्रगान? जानिए सच्चाई
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > राष्ट्रीय > Jana Gana Mana History: क्या अंग्रेजों के सम्मान में रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था राष्ट्रगान? जानिए सच्चाई
राष्ट्रीय

Jana Gana Mana History: क्या अंग्रेजों के सम्मान में रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था राष्ट्रगान? जानिए सच्चाई

Rupam
Last updated: 2026-01-24 2:23 अपराह्न
Rupam Published 2026-01-24
Share
Jana Gana Mana History
Jana Gana Mana History: क्या अंग्रेजों के सम्मान में रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था राष्ट्रगान? जानिए सच्चाई
SHARE

Jana Gana Mana History: भारत का राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ जब भी गूंजता है, तो हर भारतीय के मन में गर्व, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना जाग उठती है। लेकिन समय-समय पर सोशल मीडिया पर एक सवाल बार-बार उछलता हैक्या यह राष्ट्रगान अंग्रेजों या ब्रिटिश सम्राट के सम्मान में लिखा गया था? गणतंत्र दिवस के आसपास यह बहस और तेज हो जाती है, जब बिना तथ्य जाने कई भ्रामक दावे वायरल होने लगते हैं।

Contents
Jana Gana Mana History: जन-गण-मन की रचना और ऐतिहासिक पृष्ठभूमिJana Gana Mana History:  क्या यह गीत अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया था?Jana Gana Mana History: टैगोर ने खुद दिया था भ्रम का जवाबराष्ट्रगान के रूप में कब अपनाया गया ‘जन-गण-मन’?Jana Gana Mana History: राष्ट्रगान से जुड़े नियम और सम्मानJana Gana Mana History: गणतंत्र दिवस और ‘जन-गण-मन’ का प्रतीकात्मक महत्व

हकीकत यह है कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने ‘जन-गण-मन’ को आधिकारिक रूप से भारत का राष्ट्रगान घोषित किया था। लेकिन इसके इतिहास से जुड़ी गलतफहमियां आज भी लोगों के बीच मौजूद हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस ऐतिहासिक गीत की रचना, इसके अर्थ और उससे जुड़े विवादों की सच्चाई को तथ्यों के साथ समझा जाए।

Jana Gana Mana History: जन-गण-मन की रचना और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत के राष्ट्रगान की रचना गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1911 में की थी। यह गीत मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखा गया था, जिसमें संस्कृतनिष्ठ शब्दों का प्रयोग है। ‘जन-गण-मन’ टैगोर की कविता ‘भारत भाग्य विधाता’ का पहला पद है। इस गीत को पहली बार 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में गाया गया था। खास बात यह है कि टैगोर ने न केवल इसके बोल लिखे, बल्कि इसकी धुन भी स्वयं तैयार की। बाद में 1919 में आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले प्रवास के दौरान टैगोर ने इसका अंग्रेजी अनुवाद किया, जिसे उन्होंने “Morning Song of India” नाम दिया।

Jana Gana Mana History:  क्या यह गीत अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया था?

इस सवाल का जवाब साफ शब्दों में हैनहीं। यह दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। यह भ्रम इसलिए फैला क्योंकि उसी दौर में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम भारत आए थे। 1911 के कांग्रेस अधिवेशन के दौरान उनके स्वागत में स्कूली बच्चों द्वारा एक अलग गीत गाया गया था। कुछ ब्रिटिश अखबारों ने भ्रमवश यह छाप दिया कि टैगोर का ‘जन-गण-मन’ सम्राट की स्तुति में रचा गया है। इसी रिपोर्ट के कारण यह गलत धारणा दशकों तक फैलती रही।

Vande Mataram Protocol: वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा दर्जा? मोदी सरकार बना सकती है नया सम्मान प्रोटोकॉल

Jana Gana Mana History: टैगोर ने खुद दिया था भ्रम का जवाब

रवींद्रनाथ टैगोर ने इस विवाद पर 1937 में खुद एक पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने साफ कहा था कि भारत का भाग्य विधाता कोई ब्रिटिश सम्राट नहीं हो सकता। वह तो वह शाश्वत शक्ति है, जो युगों-युगों से भारत की अंतरात्मा का मार्गदर्शन करती आई है। टैगोर ने यह भी स्पष्ट किया था कि गीत में प्रयुक्त शब्द ‘अधिनायक’ का अर्थ किसी विदेशी शासक से नहीं, बल्कि उस सर्वोच्च सत्ता या ईश्वर से है, जो भारत की चेतना का प्रतीक है।

राष्ट्रगान के रूप में कब अपनाया गया ‘जन-गण-मन’?

आजादी के बाद संविधान सभा में राष्ट्रगान को लेकर लंबी और गंभीर चर्चा हुई। अंततः 24 जनवरी 1950, यानी गणतंत्र दिवस से ठीक दो दिन पहले, ‘जन-गण-मन’ को भारत का राष्ट्रगान घोषित किया गया। इसी दिन ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया गया। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया था कि वंदे मातरम को भी वही सम्मान प्राप्त होगा, क्योंकि उसका स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान रहा है।

Jana Gana Mana History: राष्ट्रगान से जुड़े नियम और सम्मान

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं-

समय सीमा: पूरा राष्ट्रगान लगभग 52 सेकंड में गाया जाता है, जबकि संक्षिप्त संस्करण 20 सेकंड का होता है।

सम्मान की मुद्रा: राष्ट्रगान बजते समय सावधान मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य है।

कानूनी प्रावधान: राष्ट्रगान का अपमान करना या उसमें बाधा डालना प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के तहत दंडनीय अपराध है।

सिनेमा हॉल नियम: सुप्रीम कोर्ट के अनुसार अब सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि बजाया जाए तो सम्मान देना जरूरी है।

Republic Day Quiz: खुद को मानते हैं इंटेलिजेंट? तो बिना गूगल किए बताएं भारत के 10 राष्ट्रीय प्रतीकों के नाम

Jana Gana Mana History: गणतंत्र दिवस और ‘जन-गण-मन’ का प्रतीकात्मक महत्व

26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति के सामने राष्ट्रगान गूंजता है, तो वह भारत की संप्रभुता और एकता का सबसे सशक्त प्रतीक बन जाता है। इस गीत में पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा, द्रविड़, उत्कल और बंग का उल्लेख भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता को एक सूत्र में पिरोता है।

You Might Also Like

India Governor Reshuffle 2026: देश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई राज्यों में बदले राज्यपाल, दिल्ली और लद्दाख के एलजी भी बदले

India Iran Relations: खामेनेई की मौत पर भारत का शोक संदेश, जयशंकर की पहल से क्या बदलेंगे समीकरण?

Ali Khamenei Death: अली खामेनेई के निधन पर भारत की संवेदना, कूटनीति के नए संकेत

Rahul Gandhi on Iran Warship: हिंद महासागर में तनाव पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, बोले – ‘संघर्ष अब भारत के दरवाजे तक पहुंच गया’

Nitish Kumar Rajya Sabha: राज्यसभा की ओर बढ़े नीतीश कुमार…. अमित शाह की मौजूदगी में दाखिल किया नामांकन, बिहार की राजनीति में तेज हुई हलचल

TAGGED:History NewsIndian National AnthemJana Gana ManaJana Gana Mana HistoryNational Symbols of IndiaRabindranath TagoreRepublic Day 2026
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Kangana Ranaut
बॉलीवुडमनोरंजन

Kangana Ranaut: कंगना ने गुपचुप रचा ली सगाई? उंगली में दिखी डायमंड रिंग

Rupam Rupam 2026-03-06
टल गया साल 2026 का सबसे बड़ा क्लैश, अब जून में होगा यश का धमाका, मार्च में ‘धुरंधर’ का राज
Nitish Kumar Rajya Sabha: राज्यसभा की ओर बढ़े नीतीश कुमार…. अमित शाह की मौजूदगी में दाखिल किया नामांकन, बिहार की राजनीति में तेज हुई हलचल
E-Newspaper 07/03/2026
UPSC CSE 2025 Result: अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, देखें टॉप 10 उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?