IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: आईपीएल में बांग्लादेशी क्रिकेटरों की एंट्री पर रोक को लेकर देश की राजनीति और खेल जगत में बहस तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर Jammu and Kashmir के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल किया कि किसी एक खिलाड़ी को बाहर करने से आखिर क्या हासिल होगा और क्या इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार आएगा?
Also Read : सोमनाथ की गाथा…, हजार साल बाद भी अडिग आस्था, पीएम मोदी ने लेख में बताया मंदिर से जुड़ा भारत
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: खिलाड़ी का क्या कसूर? IPL विवाद पर उमर अब्दुल्ला का सवाल
हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक तनाव की खबरें सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में बीसीसीआई के निर्देश के बाद आईपीएल फ्रेंचाइजी Kolkata Knight Riders (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर कर दिया।
देश में यह मांग उठी कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा के विरोध में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को IPL में खेलने की अनुमति न दी जाए।
राष्ट्रीय की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: उमर अब्दुल्ला का तर्क – खेल और राजनीति अलग हों
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,
‘उस खिलाड़ी की क्या गलती है? उसने न तो भारत के खिलाफ कुछ किया और न ही किसी तरह की हिंसा में उसका कोई हाथ है।’
उनका मानना है कि खेल को राजनीतिक दबाव का जरिया बनाना न तो खिलाड़ियों के लिए सही है और न ही अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के लिए।
Also Read : श्रेयस अय्यर की वापसी, बिना दौड़े 58 रन, विजय हजारे ट्रॉफी में धमाकेदार वापसी
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: भारत–बांग्लादेश रिश्तों पर संभावित असर
उमर अब्दुल्ला ने चेतावनी दी कि इस तरह के फैसलों से दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं।
‘बांग्लादेश ने हमारे देश में आतंकवाद नहीं फैलाया, न ही हमें नुकसान पहुंचाया। फिर खिलाड़ियों को सजा क्यों?’ यह सवाल उन्होंने खुलकर उठाया।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: टी20 विश्व कप पर भी पड़ सकता है प्रभाव
मुख्यमंत्री ने यह भी आशंका जताई कि आईपीएल विवाद का असर आगामी टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों पर पड़ सकता है।
उनके मुताबिक, बांग्लादेश में यह संदेश जा रहा है कि उनके खिलाड़ियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिससे वे भारत में खेलने से हिचक सकते हैं या अपने मैच किसी अन्य स्थान पर कराने की मांग कर सकते हैं।
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: KKR पर दबाव और खिलाड़ी की मजबूरी
उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि मुस्तफिजुर रहमान को हटाने का फैसला फ्रेंचाइजी की इच्छा से नहीं हुआ। उनके शब्दों में, ‘न खिलाड़ी जाना चाहता था और न ही टीम उसे हटाना चाहती थी। ऊपर से दबाव आया और मजबूरी में उसे बाहर कर दिया गया।’ यह बयान आईपीएल फ्रेंचाइजियों की स्वायत्तता पर भी सवाल खड़े करता है।
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: क्या इससे हालात बेहतर होंगे?
सीएम उमर ने सीधा सवाल किया, क्या एक खिलाड़ी को बाहर करने से बांग्लादेश की आंतरिक स्थिति सुधरेगी? क्या इससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी? उनका जवाब साफ था – ‘नहीं, इसके उलट रिश्ते और बिगड़ेंगे।’
IPL Ban of Bangladeshi Cricketers: सरकार पर कार्रवाई, खिलाड़ियों पर नहीं
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भारत को कोई कड़ा कदम उठाना ही है तो वह कूटनीतिक स्तर पर बांग्लादेश सरकार से निपटे, न कि खिलाड़ियों को निशाना बनाए। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जैसे अमेरिका ने वेनेजुएला के मामले में सरकारी स्तर पर कदम उठाए, वैसे ही भारत को भी नीति स्तर पर निर्णय लेने चाहिए।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



