India US Trade Deal 2026: भारत और अमेरिका के बीच शनिवार (7 फरवरी) को हुए अंतरिम व्यापार समझौते (India US Trade Deal 2026) को केंद्र सरकार ने एक रणनीतिक और ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के लिए ‘विन-विन डील’ बताते हुए कहा कि इस समझौते ने भारत को वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि जहां अमेरिका ने चीन पर 35 फीसदी और बांग्लादेश पर 20 फीसदी टैरिफ लगाया है, वहीं भारत पर केवल 18 फीसदी टैरिफ तय किया गया है। इसे भारत के लिए एक स्पष्ट कूटनीतिक और आर्थिक बढ़त माना जा रहा है।
’30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था भारत के लिए खुली’ – पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते (India US Trade Deal 2026) के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका जैसी 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था मोस्ट प्रीफर्ड ड्यूटी के साथ खुल रही है। उन्होंने बताया कि देर रात भारत-अमेरिका के बीच जो संयुक्त बयान जारी हुआ है, उसका वैश्विक स्तर पर स्वागत हुआ है। गोयल के शब्दों में, ‘आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।’
विकसित भारत 2047 की दिशा में अहम कदम
केंद्रीय मंत्री ने इस समझौते को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फरवरी 2025 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य सालाना 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को हासिल करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने दूरदर्शी सोच के साथ भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई दी है।

किन भारतीय उत्पादों को मिलेगा टैरिफ-फ्री एक्सेस?
इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों खासतौर पर MSME, किसानों और मछुआरों को मिलने वाला है। गोयल के मुताबिक, कई प्रमुख भारतीय उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में बिना किसी टैरिफ (India US Trade Deal 2026) के पहुंच सकेंगे। टैरिफ-फ्री होने वाले प्रमुख सेक्टर-
- फार्मा और जेनेरिक दवाएं
- रत्न और आभूषण, हीरे
- विमान के पुर्जे (Aircraft Parts)
- कॉफी, आम और अन्य कृषि उत्पाद
इससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और मेक इन इंडिया को वैश्विक समर्थन मिलेगा।
कृषि और फूड सेक्टर को बड़ी राहत
कृषि क्षेत्र को इस समझौते से खास फायदा मिलने की उम्मीद है। पीयूष गोयल ने बताया कि अब अमेरिका को टैरिफ-फ्री निर्यात होने वाले उत्पादों में शामिल हैं-
- चाय और मसाले
- नारियल तेल और वनस्पति मोम
- सुपारी और ब्राजील नट्स
- कई फल और सब्जियां
इसके अलावा जड़ वाली सब्जियां, अनाज, जौ, बेकरी उत्पाद, कोको उत्पाद, तिल के बीज, खसखस और खट्टे फलों के रस पर भी कोई रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं लगेगा।
चीन और बांग्लादेश की तुलना में भारत को बढ़त
गोयल ने साफ तौर पर कहा कि नए व्यापार ढांचे (India US Trade Deal 2026) में भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों पर स्पष्ट बढ़त मिली है।
- चीन पर – 35% टैरिफ
- बांग्लादेश और वियतनाम पर – 25% टैरिफ
- भारत पर – सिर्फ 18% टैरिफ
इतना ही नहीं, कई ऐसे भारतीय उत्पाद हैं जिन पर पहले 50 फीसदी तक शुल्क लगता था, लेकिन अब वे जीरो टैरिफ के साथ अमेरिकी बाजार में प्रवेश करेंगे।
सिर्फ समझौता नहीं, रणनीतिक संदेश
विशेषज्ञों के मुताबिक यह डील सिर्फ व्यापार (India US Trade Deal 2026) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को मजबूत करने का संकेत भी है। ऐसे समय में जब चीन पर दबाव बढ़ रहा है, भारत अमेरिका के लिए एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार बनकर उभरा है।
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