AI Summit Shirtless Protest: नई दिल्ली के मशहूर भारत मंडपम में हुआ इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 उस समय पॉलिटिकल अखाड़े में बदल गया जब इंडियन यूथ कांग्रेस के वर्कर्स ने कथित तौर पर शर्टलेस होकर प्रोटेस्ट किया। इस घटना ने न सिर्फ इवेंट की गरिमा पर सवाल उठाया बल्कि नेशनल पॉलिटिक्स में बयानबाजी का तूफान भी खड़ा कर दिया।
BJP ने इस प्रोटेस्ट को ‘भारत की इमेज खराब करने की साजिश’ कहा, जबकि कांग्रेस सपोर्टर्स ने दावा किया कि यह एक डेमोक्रेटिक प्रोटेस्ट का हिस्सा था। आइए जानते हैं इस विवाद में किसने क्या कहा और यह मुद्दा सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ।
AI Summit Shirtless Protest: क्या है पूरा मामला?
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में कई इंटरनेशनल डेलीगेट्स शामिल हुए, जिसे AI और टेक्नोलॉजी में भारत की ग्लोबल भूमिका को मजबूत करने के लिए ऑर्गनाइज किया गया था। लेकिन, वेन्यू के बाहर, यूथ कांग्रेस के वर्कर्स ने इंडिया-US ट्रेड डील का विरोध करना शुरू कर दिया।
प्रोटेस्ट के दौरान, कुछ वर्कर्स ने अपनी शर्ट उतार दी और नारे लगाए। BJP नेताओं ने इस कदम को ‘सस्ती पॉपुलैरिटी’ और ‘अराजक पॉलिटिक्स’ बताया।
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AI Summit Shirtless Protest: BJP का तीखा हमला
डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा, ‘जब दुनिया भारत की टेक्नोलॉजिकल ताकत देख रही है, तो कुछ लोग देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदार पॉलिटिक्स बताया।
वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर रिएक्शन देते हुए कहा कि ‘कांग्रेस को लोकतांत्रिक विरोध और अशोभनीय प्रदर्शन में होना चाहिए।’ उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धक्का पहुंचाने के लिए किया गया। भाजपा प्रवक्ताओं ने इसे ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाली मानसिकता समझाते हुए कहा कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद बौखलाई हुई है।
AI Summit Shirtless Protest: कांग्रेस का पक्ष क्या है?
कांग्रेस बोली का कहना है कि ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। उनका तर्क है कि अगर सरकार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते पर काम कर रही है, तो विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है।
हालांकि कांग्रेस ने शर्टलेस प्रोटेस्ट के बारे में ऑफिशियली कुछ नहीं बताया है, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे ‘युवाओं का गुस्सा’ बताया है।
AI Summit Shirtless Protest: यह विवाद ग्लोबल स्टेज पर एक बड़ा मुद्दा क्यों बन गया है?
भारत मंडपम में हुए इस समिट में कई विदेशी हस्तियों ने हिस्सा लिया था। इसलिए, BJP ने इसे अपनी ‘ग्लोबल इमेज’ से जोड़ा है। उनका तर्क है कि ऐसे प्रोटेस्ट देश के मैसेज को कमजोर करते हैं, क्योंकि भारत खुद को AI सुपरपावर के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है।
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि आने वाले चुनावी मौसम में यह विवाद और बढ़ सकता है। तीन मुद्दों टेक्नोलॉजी, ट्रेड डील और यूथ पॉलिटिक्स का मेल इस घटना को और भी सेंसिटिव बनाता है।
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AI Summit Shirtless Protest: सोशल मीडिया पर जंग
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #AIImpactSummit और #ShirtlessProtest जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। BJP सपोर्टर्स ने इसे ‘ड्रामा पॉलिटिक्स’ कहा, जबकि कांग्रेस सपोर्टर्स ने इसे ‘युवाओं की आवाज’ कहा।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के समय में किसी भी प्रोटेस्ट का असर सिर्फ मौके तक ही सीमित नहीं रहता, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसका असर कई गुना बढ़ जाता है।
AI Summit Shirtless Protest: डेमोक्रेसी बनाम डिग्निटी – असली बहस
यह घटना एक बड़ा सवाल उठाती है कि, क्या डेमोक्रेटिक प्रोटेस्ट की कोई लिमिट होनी चाहिए? क्या ऐसे प्रदर्शन इंटरनेशनल स्टेज पर सही हैं? या प्रोटेस्ट का तरीका समय और जगह के हिसाब से तय होना चाहिए? BJP इसे देश के हित से जोड़ रही है, तो कांग्रेस इसे बोलने की आजादी कह रही है। सच शायद कहीं बीच में है।
AI Summit Shirtless Protest: आगे क्या?
यह मुद्दा संसद और चुनावी रैलियों तक पहुंचने की संभावना है। BJP इसे राष्ट्रवाद और ग्लोबल इमेज से जोड़कर इसे भुनाने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस ट्रेड डील और युवाओं की बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाएगी। AI समिट का मकसद टेक्नोलॉजी में तरक्की पर चर्चा करना था, लेकिन यह इवेंट राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
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