AI Summit Protest Case: दिल्ली में AI समिट का विरोध अब कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर बढ़ गया है। राजधानी के मशहूर कन्वेंशन सेंटर, भारत मंडपम में हुए हाई-प्रोफाइल AI समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस एक्शन में है। लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, यूथ कांग्रेस वर्कर जितेंद्र यादव को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया है।
इस गिरफ्तारी के अलावा, जांच एजेंसियों ने एक और आरोपी की कार भी बरामद की है, जिसे इस केस में अहम कड़ी माना जा रहा है। आइए पूरे मामले को डिटेल में जानते हैं।
AI Summit Protest Case: दिल्ली AI समिट का विरोध प्रदर्शन क्या है?
दिल्ली में हुए AI समिट में देश-विदेश के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट, पॉलिसीमेकर और इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह इवेंट राजधानी के मशहूर भारत मंडपम में हुआ था।
इस बीच, कुछ संगठनों ने समिट का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार कुछ पॉलिसी मामलों में ट्रांसपेरेंट नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, विरोध के दौरान सिक्योरिटी घेरा तोड़ने, नारे लगाने और वेन्यू की तरफ बढ़ने की कोशिश की गई। इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही हालात को कंट्रोल किया और कई लोगों की पहचान शुरू की।
Read : ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन पर BJP का कांग्रेस पर तीखा वार
AI Summit Protest Case: ग्वालियर में गिरफ्तारी हुई
जांच के दौरान, दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली कि मामले में नामजद यूथ कांग्रेस का कार्यकर्ता जितेंद्र यादव ग्वालियर में मौजूद है। इसके बाद, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने लोकल पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। रेड के बाद, उसे कस्टडी में ले लिया गया। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान प्लानिंग, फंडिंग और दूसरे आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पुलिस इस मामले की जांच ‘पहले से सोची-समझी साजिश’ के एंगल से भी कर रही है।
AI Summit Protest Case: आरोपी की कार बरामद, जांच नई दिशा में
मामले में एक और बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने एक और आरोपी की कार बरामद कर ली है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार का इस्तेमाल प्रोटेस्ट साइट पर आने-जाने के लिए किया गया था। कार की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
डिजिटल डिवाइस, CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है। अगर कार में कोई इलेक्ट्रॉनिक या डॉक्यूमेंट्री सबूत मिलता है, तो इससे केस और मजबूत हो सकता है।
AI Summit Protest Case: यूथ कांग्रेस पर बढ़ता दबाव
इस कार्रवाई के बाद, यूथ कांग्रेस पर पॉलिटिकल दबाव बढ़ता दिख रहा है। हालांकि, पार्टी की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया है। पॉलिटिकल गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
विरोधी पार्टियां इसे पॉलिटिकल बदले की कार्रवाई कह सकती हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि यह पूरी तरह से लॉ एंड ऑर्डर का मामला है और फैक्ट्स के आधार पर जांच की जा रही है।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
AI Summit Protest Case: क्या चार्ज लग सकते हैं?
कानूनी जानकारों के मुताबिक, अगर जांच में सुरक्षा घेरा तोड़ने, सरकारी काम में रुकावट डालने या पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के आरोप साबित होते हैं, तो गंभीर चार्ज लगाए जा सकते हैं। इनमें सरकारी काम में रुकावट डालना, शांति भंग करने की कोशिश, साजिश के तहत विरोध प्रदर्शन और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना शामिल हो सकते हैं। हालांकि, आखिरी चार्ज कोर्ट में पेशी और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय किए जाएंगे।
AI Summit Protest Case: आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आगे क्या होगा? जितेंद्र यादव को दिल्ली कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस डिटेल में पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। पूछताछ से पता चलेगा कि, क्या प्रोटेस्ट पहले से प्लान किया गया था? क्या कोई ऑर्गनाइजेशन या व्यक्ति इसे फंडिंग कर रहा था? कितने लोग शामिल थे? बरामद कार और डिजिटल सबूत केस की दिशा तय करेंगे।
AI Summit Protest Case: क्यों सेंसिटिव हो गया है मामला?
दिल्ली AI समिट नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर जांच के दायरे में था। इतने हाई-प्रोफाइल इवेंट में सिक्योरिटी में सेंध और विरोध प्रदर्शन राजनीतिक रूप से सेंसिटिव हो जाते हैं। इस केस का असर सिर्फ कानूनी दायरे तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह राजनीतिक बहस पर भी असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



