Mumbai Monorail Relaunch: मुंबईवालों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे इंतजार के बाद मुंबई की मोनोरेल सेवा (Mumbai Monorail Relaunch) एक बार फिर पटरी पर लौटने जा रही है। अपग्रेडेड ट्रेनों और अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के साथ यह सेवा पहले से अधिक सुरक्षित, तेज और स्मार्ट होने का दावा कर रही है। सबसे अहम बात यह है कि नई मोनोरेल को उसके अपडेटेड रोलिंग स्टॉक और CBTC आधारित सिग्नलिंग प्रणाली के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र मिल चुका है।
अंतरराष्ट्रीय संस्था से मिला सुरक्षा प्रमाणपत्र
नई प्रणाली का स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन वैश्विक परीक्षण एवं निरीक्षण संस्था Bureau Veritas ने किया है। इस संस्था ने इंडिपेंडेंट सेफ्टी असेसर (ISA) की भूमिका निभाते हुए सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच की। इस प्रमाणपत्र को मोनोरेल सेवा (Mumbai Monorail Relaunch) की बहाली की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि नई ट्रेनें और सिग्नलिंग सिस्टम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं।
19.54 किलोमीटर कॉरिडोर की अंतिम जांच बाकी
अब अगला चरण पूरे 19.54 किलोमीटर लंबे मोनोरेल कॉरिडोर की व्यापक जांच का है। इसके लिए सेवानिवृत्त मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त की नियुक्ति की जाएगी, जो अंतिम वैधानिक मंजूरी प्रदान करेंगे। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही आधुनिक सुविधाओं से लैस मोनोरेल फिर से यात्रियों की सेवा में उपलब्ध होगी।
किन-किन परीक्षणों के बाद मिली मंजूरी?
सुरक्षा प्रमाणपत्र मिलने से पहले कई स्तरों पर कठोर परीक्षण किए गए। इनमें शामिल हैं-
- उत्पादन इकाई में नए रोलिंग स्टॉक की विस्तृत तकनीकी जांच
- दो महीनों तक अलग-अलग हिस्सों में ट्रायल रन
- डिजाइन और सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्टैटिक एवं डायनामिक परीक्षण
- ऑसिलेशन टेस्ट की सफल पूर्ति
- उन्नत CBTC आधारित सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना और इंटरफेस जांच
अधिकारियों का कहना है कि इन सभी परीक्षणों के सफल परिणाम के बाद ही सेवा को हरी झंडी दी गई है।
‘मेड इन इंडिया’ मोनोरेल की 21 आधुनिक खूबियां
नई मोनोरेल ट्रेनों में 21 आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जो इसे पहले से ज्यादा यात्री-अनुकूल बनाती हैं। प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं-
- हर कोच में सीसीटीवी कैमरे
- दिव्यांग अनुकूल सीटें
- मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट
- डायनामिक रूट मैप डिस्प्ले
- बेहतर सस्पेंशन सिस्टम
- सख्त अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन
- मेट्रो शैली का आधुनिक इंटीरियर
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सर्विलांस सिस्टम
इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और तकनीकी रूप से उन्नत यात्रा अनुभव देना है।
तकनीकी दिक्कतों के कारण बंद हुई थी सेवा
मोनोरेल सेवा (Mumbai Monorail Relaunch) को पहले लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था। कई बार दो स्टेशनों के बीच ट्रेन रुकने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इन घटनाओं ने सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए थे।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पूरी प्रणाली की समीक्षा की। इसके बाद व्यापक अपग्रेडेशन का निर्णय लिया गया। नए रोलिंग स्टॉक, अत्याधुनिक CBTC सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी सुधारों को शामिल कर सिस्टम को मजबूत बनाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। उद्देश्य यह है कि भविष्य में तकनीकी खराबियों की पुनरावृत्ति न हो और यात्रियों को निर्बाध सेवा मिल सके।
मुंबई के शहरी परिवहन को मिलेगी मजबूती
मोनोरेल की वापसी (Mumbai Monorail Relaunch) को मुंबई के शहरी परिवहन नेटवर्क के लिए अहम माना जा रहा है। लोकल ट्रेन और मेट्रो के साथ यह सेवा शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में सहायक होगी। अब मुंबईवालों को इंतजार है अंतिम मंजूरी का, जिसके बाद यह ‘स्मार्ट’ मोनोरेल फिर से शहर की रफ्तार बढ़ाती नजर आएगी।
Also read: NCP में नई कमान, 26 फरवरी को सुनेत्रा पवार बनेंगी राष्ट्रीय अध्यक्ष, बैठक में सर्वसम्मति



