Mumbai Airport Near Miss: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमानों के विंग आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि यह घटना एक बड़ा विमान हादसा बनने से ठीक पहले टल गई। इस घटना ने एक बार फिर देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट पर एविएशन सेफ्टी और ग्राउंड मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Mumbai Airport Near Miss: रनवे पर कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब दोनों विमान टैक्सीवे पर मूवमेंट में थे। एक विमान टेकऑफ की तैयारी कर रहा था, जबकि दूसरा पार्किंग बे की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान दोनों विमानों के विंग आपस में संपर्क में आ गए। राहत की बात यह रही कि –
- दोनों विमान कम गति में थे
- कोई भी विमान रनवे पर उड़ान नहीं भर रहा था
- किसी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई
Mumbai Airport Near Miss: यात्रियों में मचा हड़कंप
जैसे ही यात्रियों को टक्कर का अहसास हुआ, विमान के अंदर घबराहट और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें पहले तेज झटका महसूस हुआ, जिसके बाद विमान अचानक रोक दिया गया। कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘कुछ सेकंड के लिए लगा कि आज कुछ बड़ा हो जाएगा… भगवान का शुक्र है।’
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Mumbai Airport Near Miss: दोनों एयरलाइंस का आधिकारिक बयान
घटना के बाद एअर इंडिया और इंडिगो दोनों ने बयान जारी कर कहा कि –
- यात्रियों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं हुआ
- विमान को तुरंत ग्राउंड कर दिया गया
- सभी यात्रियों को सुरक्षित टर्मिनल पर उतार लिया गया
एयरलाइंस ने यह भी साफ किया कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई।
Mumbai Airport Near Miss: DGCA ने शुरू की जांच
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में ये पहलू सामने आए हैं –
- क्या टैक्सीवे पर कम्युनिकेशन में चूक हुई?
- क्या एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से कोई निर्देश गलत था?
- क्या ग्राउंड स्टाफ की मानवीय भूल वजह बनी?
DGCA ने दोनों विमानों की तकनीकी जांच और संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Mumbai Airport Near Miss: मुंबई एयरपोर्ट पर पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब मुंबई एयरपोर्ट पर इस तरह की घटना सामने आई हो। पहले भी टैक्सीवे पर विमानों की करीबी मूवमेंट, पार्किंग बे में स्पेस की कमी और पीक आवर्स में भारी ट्रैफिक प्रेशर जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुंबई एयरपोर्ट की सीमित जगह और लगातार बढ़ती उड़ानें ऐसे हादसों का खतरा बढ़ाती हैं।
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Mumbai Airport Near Miss: एविएशन एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
एविएशन जानकारों के अनुसार, ‘यह घटना चेतावनी है, हादसा नहीं। अगर थोड़ी सी भी देरी या गति ज्यादा होती, तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।’
एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि टैक्सीवे मूवमेंट के लिए सख्त प्रोटोकॉल, ग्राउंड स्टाफ की री-ट्रेनिंग और पीक टाइम में उड़ानों का बेहतर मैनेजमेंट जैसे कदम तुरंत उठाए जाने चाहिए।
Mumbai Airport Near Miss: यात्रियों के लिए क्या सीख?
इस घटना के बाद यात्रियों के मन में डर होना स्वाभाविक है, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि –
- एविएशन आज भी सबसे सुरक्षित परिवहन माध्यम है
- ऐसे ‘नियर मिस’ मामलों से ही सिस्टम को और मजबूत बनाया जाता है
हालांकि, यात्रियों को यह अधिकार है कि वे सुरक्षा और पारदर्शिता की मांग करें।
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