Dearness Allowance: मध्य प्रदेश के करीब साढ़े सात लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से Dearness Allowance (डीए) बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राज्य सरकार इस महीने 3 फीसदी अतिरिक्त Dearness Allowance देने की तैयारी में है। अगर यह फैसला लागू होता है तो प्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के समान 58 फीसदी हो जाएगा। माना जा रहा है कि बजट से पहले सरकार इस पर अंतिम निर्णय ले सकती है।
दीपावली से पहले हुई थी घोषणा, अब आदेश का इंतजार
राज्य सरकार ने Dearness Allowance बढ़ाने की घोषणा दीपावली से पहले ही कर दी थी, लेकिन अब तक इसके औपचारिक आदेश जारी नहीं हो सके हैं। कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार उनका इंतजार ज्यादा लंबा नहीं होगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार बजट सत्र के दौरान इस संबंध में आदेश जारी कर सकती है, जिससे कर्मचारियों को बढ़ा हुआ डीए मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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बजट सत्र में हो सकता है बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। माना जा रहा है कि इसी सत्र के दौरानDearness Allowance को लेकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। वित्त विभाग इस दिशा में तैयारियों में जुटा हुआ है। सरकार चाहती है कि बजट से पहले या उसके आसपास इस मुद्दे को सुलझा लिया जाए, ताकि कर्मचारियों में सकारात्मक संदेश जाए।
पहले भी हुई थी घोषणा, लेकिन नहीं निकले आदेश
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों का Dearness Allowance केंद्र के समान 55 फीसदी करने का ऐलान किया था। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रांतीय सम्मेलन में की थी। हालांकि, घोषणा के बावजूद पूरे साल इसके आदेश जारी नहीं हो सके, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी भी देखी गई।
कर्मचारी संगठनों ने जताई नाराजगी
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उमाशंकर तिवारी का कहना है कि अगर Dearness Allowance की घोषणा को समय पर लागू किया जाता, तो प्रदेश के कर्मचारियों को पहले ही केंद्र के समान डीए मिलने लगता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही अपने कर्मचारियों का Dearness Allowance बढ़ा सकती है। ऐसे में अगर राज्य सरकार ने देरी की, तो मध्य प्रदेश के कर्मचारी फिर से पीछे रह जाएंगे।
केंद्र के बाद मिलती है प्रदेश के कर्मचारियों को डीए बढ़ोतरी
मध्य प्रदेश में परंपरागत रूप से कर्मचारियों को केंद्र सरकार के फैसलों के बाद ही महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) का लाभ दिया जाता है। केंद्र सरकार साल में दो बार डीए बढ़ाती है, जो आमतौर पर 1 जनवरी और 1 जुलाई से प्रभावी होता है। पहला डीए जनवरी से मार्च के बीच और दूसरा सितंबर से अक्टूबर के बीच लागू किया जाता है। राज्य सरकार भी इसी पैटर्न पर डीए बढ़ाती है, हालांकि कई बार इसमें देरी हो जाती है।
पिछले चार साल में कितना बढ़ा Dearness Allowance?
अगर पिछले चार वर्षों पर नजर डालें, तो मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते में करीब 35 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
- 21 मार्च 2022 को डीए में 11 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी, जिससे यह 20 फीसदी से बढ़कर 31 फीसदी हो गया।
- 22 अगस्त 2022 को इसमें 3 फीसदी की और बढ़ोतरी हुई और डीए 34 फीसदी पहुंच गया।
- 27 जनवरी 2023 को 4 फीसदी बढ़ोतरी के बाद डीए 38 फीसदी हुआ।
- 19 जुलाई 2023 को फिर 4 फीसदी बढ़ोतरी कर इसे 42 फीसदी कर दिया गया।
- 14 मार्च 2024 को डीए 4 फीसदी बढ़कर 46 फीसदी हो गया।
- 28 अक्टूबर 2024 को 4 फीसदी की वृद्धि के साथ यह 50 फीसदी पहुंचा।
- इसके बाद 8 मई 2025 को 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और महंगाई भत्ता 55 फीसदी हो गया।
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अब 58 फीसदी डीए की उम्मीद
अब यदि प्रस्तावित 3 फीसदी बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 फीसदी हो जाएगा, जो केंद्र के बराबर होगा। कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राहत उनके घरेलू बजट को संभालने में मददगार साबित होगी।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल प्रदेश के लाखों कर्मचारी सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सबकी निगाहें आगामी बजट सत्र पर टिकी हैं, जहां से Dearness Allowance को लेकर कोई ठोस घोषणा या आदेश आने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है, तो यह राज्य सरकार और कर्मचारियों के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जाएगा।
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