Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन भाई बहन के खूबसूरत बंधन उनके प्रेम और एक दूसरे के प्रति आदर-सम्मान और केअर्तव्य को दर्शाने वाला त्यौहार है, जब बहन अपने भाई की सुरक्षा के लिए उनकी कलाई पर राखी/रक्षासूत्र बांधती है और बदले में भाई अपनी बहन को आजीवन सुरक्षा देने का वचन देता है।
इस त्यौहार को मनाने के पीछे बहुत सी कथाएं हैं, जिनमें से एक कथा है भगवान श्री कृष्णा और द्रौपदी की। एक बार जब भगवान श्री कृष्ण की उंगली में चोट आई थी तो द्रौपदी ने अपने दुपट्टे का एक टुकड़ा फाड़कर तुरंत भगवान श्री कृष्ण की उंगली पर बांध दिया था। भगवान श्री कृष्णा इस बात से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने बदले में द्रोपदी की सुरक्षा का वचन दिया।
रक्षाबंधन के त्यौहार वाले दिन किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए: (Raksha Bandhan 2025)

हर पवित्र त्यौहार या पूजा वाले दिन की तरह इस दिन भी सुबह सवेरे उठकर स्नान करना आवश्यक है।
भाई की आरती करने के लिए पूजा की एक थाली तैयार करनी चाहिए जिसमें एक दीपक हो, होली हो, अक्षत हो और साथ में मिठाई हो।
भाई को होली का टीका लगाकर उसे अक्षत लगाएं।
ध्यान रहे की चावल टूटे ना हो।
भाई की आरती करें।
फिर भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधे।
बदले में भाई को अपनी बहन को कुछ उपहार या राशि अवश्य देनी चाहिए।
ध्यान रहे की राखी राहुकाल के समय न बांधी जाए।
इस वर्ष रक्षाबंधन का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक है। इसमें राखी बांधने (Raksha Bandhan 2025) का सबसे शुभ समय रहेगा सुबह 7 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 7 मिनट तक, और 10 बजकर 47 मिनट से लेकर 1 बजकर 24 मिनट तक।
लेकिन याद रहे कि सुबह 9 बजकर 7 मिनट से लेकर 10 बजकर 47 मिनट तक राहु काल रह्वेगा, जो अशुभ है जिसमे शुभ कार्य भी नहीं किए जाते।
इन बातों का रखें ध्यान (Raksha Bandhan 2025)
रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर आप बिना मुहूर्त के या गलत समय में राखी बांधते हैं, तो इसका अशुभ प्रभाव रिश्तों पर पड़ सकता है।

इस समय राखी ना बांधे
भद्रा काल में राखी बांधना शास्त्रों के अनुसार वर्जित माना गया है। यदि रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2025) पर भद्रा का साया है तो भूलकर भी इस समय राखी न बांधें।
राहुकाल में राखी ना बांधे। राहुकाल में जो भी कार्य किय जाते हैं उनमे बाधाएं और विघ्न होने की संभावना ज्यादा होती है। आप पंचांग देखकर ही कोई शुभ मुहूर्त चुनें और उसी मुहूर्त में राखी बांधें।
भाई को राखी बांधने से पहले आप पूजा करें और सभी भगवानों को राखी बांधें।
राखी बांधने से पहले थाली में रोली, चावल, दिया, मिठाई और राखी रखकर विधि के साथ पूजा करें। इससे राखी का प्रभाव अधिक पड़ता है और भाई की उन्नति में भी इससे सहायता मिलती है।
खाली हाथ ना भेजें
रक्षाबंधन पर भाई बहन को उपहार या मिठाई आदि जरूर दें। बहन भी जब अपने भाई को राखी बाँधने (Raksha Bandhan 2025) आएं या राखी बांधे तो अपने साथ घर पर मिठाई या रक्षा का कोई प्रतीक आवश्य लाएं।
ऐसा कहा जाता है कि इस दिन कोई भी व्यक्ति अगर खाली हाथ घर से जाता है तो इससे आर्थिक हानि, रिश्तों में दूरियां और दुर्भाग्य आ सकता है। इसलिए इस दिन गिफ्ट या कुछ उपहार देना शुभ माना जाता है।

काले रंग के वस्त्र बिल्कुल न पहनें
रक्षाबंधन जैसे खास और शुभ दिन पर काले रंग के वस्त्र पहनना वर्जित माना जाता है। क्यूंकि यह रंग नकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करता है और शुभ कार्यों में विघ्न डालता है।
इस दिन आपको हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए जैसे पीला, गुलाबी, लाल या नारंगी रंग पहनना इस दिन शुभ होता है।
मांस-मदिरा का सेवन न करें
रक्षाबंधन जैसे शुभ दिन में मांस-मदिरा आदि का सेवन करने से खुद को रोकें वरना परिवार में क्लैश, मानसिक अशांति और रोग बढ़ सकते हैं।
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