By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Pocket Money for Kids: 7 साल या 12 साल? कब थमाएं बच्चे के हाथ में पैसा और कैसे सिखाएं हिसाब-किताब
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > लाइफस्टाइल > Pocket Money for Kids: 7 साल या 12 साल? कब थमाएं बच्चे के हाथ में पैसा और कैसे सिखाएं हिसाब-किताब
लाइफस्टाइल

Pocket Money for Kids: 7 साल या 12 साल? कब थमाएं बच्चे के हाथ में पैसा और कैसे सिखाएं हिसाब-किताब

Tej
Last updated: 2026-01-10 9:48 अपराह्न
Tej Published 2026-01-10
Share
Pocket money for kids
Pocket money for kids: 7 साल या 12 साल? कब थमाएं बच्चे के हाथ में पैसा और कैसे सिखाएं हिसाब-किताब
SHARE

Pocket Money for Kids: आज के डिजिटल और उपभोक्तावादी दौर में बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि पैसे की समझ देना भी उतना ही जरूरी हो गया है। बच्चे जब यह समझने लगते हैं कि पैसा मेहनत से कमाया जाता है और सीमित होता है, तभी उनमें जिम्मेदारी, अनुशासन और सही फैसले लेने की क्षमता विकसित होती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल माता-पिता के मन में यही होता है कि आखिर बच्चों को पॉकेट मनी किस उम्र से दी जाए और कैसे उन्हें सही ढंग से खर्च-बचत सिखाई जाए?

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पॉकेट मनी बच्चों (Pocket Money for Kids) के लिए फाइनेंशियल एजुकेशन का पहला कदम है। अगर इसे सही उम्र, सही तरीके और सही नियमों के साथ दिया जाए, तो बच्चे आगे चलकर आर्थिक रूप से समझदार और आत्मनिर्भर बनते हैं।

Read More : सिर्फ दूध से नहीं बनेगी बात! 30 पार करते ही डाइट में शामिल करें ये 10 चीजें, फौलाद बनी रहेंगी हड्डियां

किस उम्र से शुरू करें पॉकेट मनी? (Pocket Money for Kids)

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को 5–6 साल की उम्र से ही छोटी राशि के साथ पॉकेट मनी (Pocket Money for Kids) की शुरुआत की जा सकती है। इस उम्र में बच्चे सिक्कों और नोटों की पहचान करने लगते हैं और छोटी चीजें खरीदने का अनुभव उनके लिए सीखने का अवसर बनता है।

Contents
किस उम्र से शुरू करें पॉकेट मनी? (Pocket Money for Kids)धीरे-धीरे बढ़ाएं अमाउंट, जिम्मेदारी के साथबजट बनाना सिखाएं, यही असली सीख हैबचत की आदत डालें, भविष्य की नींवहर खर्च पर रोक न लगाएंडिजिटल मनी की समझ भी जरूरीजिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता का विकास
  • 5–6 साल, हफ्ते में 10–20 रुपये
  • 8–10 साल, हफ्ते में 50–100 रुपये
  • 11–12 साल, जरूरत और समझ के अनुसार राशि तय करें

ध्यान रखें, शुरुआत हमेशा छोटी रकम से करें ताकि बच्चा पैसे की वैल्यू समझ सके।

पॉकेट मनी बच्चों में आत्मनिर्भरता
Pocket Money for Kids

Read More : खड़े होकर पानी पीने की आदत बन सकती है सेहत की दुश्मन, आज ही सुधारें वरना हो सकती हैं गंभीर बीमारियां

धीरे-धीरे बढ़ाएं अमाउंट, जिम्मेदारी के साथ

जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है और उसकी जरूरतें बढ़ती हैं, पॉकेट मनी की राशि भी धीरे-धीरे बढ़ाई जानी चाहिए। लेकिन यह बढ़ोतरी उम्र के साथ-साथ बच्चे की समझ, व्यवहार और जिम्मेदारी के आधार पर होनी चाहिए। अगर बच्चा बिना सोचे-समझे पैसे खर्च करता है, तो पहले उसे सही गाइडेंस देना जरूरी है।

बजट बनाना सिखाएं, यही असली सीख है

पॉकेट मनी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे बच्चे बजट बनाना सीखते हैं। तय रकम में महीने या हफ्ते भर की जरूरतें पूरी करना उन्हें प्राथमिकताएं तय करना सिखाता है। माता-पिता बच्चों से पूछ सकते हैं:

  • इस हफ्ते तुम किन चीजों पर खर्च करना चाहते हो?
  • क्या कोई चीज है जिसके लिए बचत जरूरी है?

इस तरह बातचीत से बच्चे खुद सोचने लगते हैं।

बचत की आदत डालें, भविष्य की नींव

बचत की आदत जितनी जल्दी डल जाए, उतना बेहतर होता है। बच्चों को समझाएं कि अगर उन्हें कोई बड़ी चीज चाहिए, तो उसके लिए थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाना होगा। आप गुल्लक, सेविंग बॉक्स या बच्चों के लिए अलग सेविंग अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

हर खर्च पर रोक न लगाएं

कई माता-पिता बच्चों के हर खर्च में दखल देते हैं, जो सही नहीं है। पॉकेट मनी का मकसद ही यह है कि बच्चा अपने फैसलों से सीखे। अगर बच्चा कभी गलत खरीदारी कर भी ले, तो उसे अनुभव के तौर पर देखने दें। यही अनुभव उसे भविष्य में बेहतर निर्णय लेना सिखाएगा।

डिजिटल मनी की समझ भी जरूरी

आज के समय में UPI, कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट आम हो चुके हैं। 10–12 साल के बच्चों को धीरे-धीरे डिजिटल ट्रांजैक्शन की बेसिक जानकारी देना भी जरूरी है, ताकि वे फिजिकल और डिजिटल पैसे का फर्क समझ सकें।

जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता का विकास

पॉकेट मनी बच्चों में आत्मनिर्भरता, आत्म-सम्मान और अनुशासन की भावना विकसित करती है। जब बच्चे जानते हैं कि पैसे सीमित हैं, तो वे सोच-समझकर खर्च करना सीखते हैं।

पॉकेट मनी सिर्फ बच्चों को खर्च करने की आजादी नहीं देती, बल्कि उन्हें जीवनभर काम आने वाली फाइनेंशियल स्किल्स सिखाती है। सही उम्र, सही राशि और सही मार्गदर्शन के साथ दी गई पॉकेट मनी बच्चों को भविष्य में आर्थिक रूप से मजबूत और समझदार बनाती है।

ये भी पढ़ें- शरीर में चुपके से घर कर रही है विटामिन D की कमी? इन 5 चेतावनी संकेतों को पहचानें, वरना हो सकता है भारी नुकसान

You Might Also Like

Dalai Lama Won Grammy: 90 साल की उम्र में दलाई लामा ने रचा इतिहास, पहली बार जीता ग्रैमी अवॉर्ड

Car Loan Tips: छोटी EMI का बड़ा धोखा! कार लोन लेने से पहले जान लें ये 5 स्मार्ट नियम

Rann of Kutch Rann Utsav: सफेद रेगिस्तान में संस्कृति, कला और प्रकृति का जादुई संगम 

Republic Day activities for kids: बच्चों में जगाना है देश के प्रति सच्चा प्यार? तो गणतंत्र दिवस पर अपनाएं ये 5 दिलचस्प और असरदार तरीके

Questions to ask elders: घर के बुजुर्गों से पूछें दिल छू लेने वाले 10 सवाल, मिलेगी जिंदगी की अनमोल सीख, तजुर्बा कर देगा हैरान

TAGGED:Budgeting SkillsChild DevelopmentFinancial Education for KidsKids FinanceLife SkillsMoney ManagementParenting TipsPocket MoneySaving HabitsSmart Parenting
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Assam CM Controversial Statement
राष्ट्रीय

Assam CM News: सरमा के बयान ने मचाया तूफान! जमीयत ने असम CM के खिलाफ SC में ठोकी याचिका

ShreeJi ShreeJi 2026-02-03
Entertainment News: रील में दबंग, हकीकत में कमजोर? प्रिंस नरूला और मैक्सटर्न के आरोपों से घिरे एल्विश यादव
Border 2 Box Office Collection: बॉर्डर 2 का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 6 दिन में 300 करोड़ के करीब कमाई, देश–विदेश में गूंजा ‘1971’ का जज़्बा
Delhi IGI Airport T3 Upgrade: दिल्ली एयरपोर्ट को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी तेज, T3 में बड़ा बदलाव, इंटरनेशनल यात्रियों की क्षमता 50% बढ़ेगी
Assam Political News: डिब्रूगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भव्य स्वागत, पूर्वोत्तर के विकास की नई कहानी
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?