Holi Celebration Worldwide: रंगों, उमंग और भाईचारे का प्रतीक होली अब सिर्फ भारत तक सीमित त्योहार नहीं रहा। फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन के साथ शुरू होने वाला यह पर्व आज दुनिया के कई देशों में सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन चुका है। भारत में जहां होली सामाजिक भेदभाव मिटाकर लोगों को एक-दूसरे के करीब लाती है, वहीं विदेशों में यह भारतीय प्रवासियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर बन गई है। आइए जानते हैं कि किन-किन देशों (Holi Celebration Worldwide) में होली का रंग चढ़ता है और वहां इसका स्वरूप कैसा है।
नेपाल – ‘फागु पूर्णिमा’ की दोहरी धूम
भारत (Holi Celebration Worldwide) का पड़ोसी देश नेपाल (Nepal) होली को ‘फागु पूर्णिमा’ के रूप में मनाता है। यहां यह पर्व राष्ट्रीय स्तर पर बेहद लोकप्रिय है। नेपाल में होली दो दिन तक मनाई जाती है पहले दिन पहाड़ी क्षेत्रों में और दूसरे दिन तराई के इलाकों में। राजधानी काठमांडू (Kathmandu) में दरबार स्क्वायर के आसपास रंगों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष रौनक देखने को मिलती है।
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बांग्लादेश और पाकिस्तान – परंपरा की मजबूत पकड़
बांग्लादेश (Bangladesh) में होली को ‘डोल पूर्णिमा’ या ‘बसंत उत्सव’ के रूप में मनाया जाता है। यहां हिंदू समुदाय मंदिरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस त्योहार को जीवंत बनाए रखता है। वहीं पाकिस्तान (Pakistan) के सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होली मनाता है। कराची और हैदराबाद जैसे शहरों में मंदिरों में विशेष पूजा और सामूहिक रंगोत्सव आयोजित होते हैं। अल्पसंख्यक होने के बावजूद, यहां त्योहार की भावना में कोई कमी नहीं दिखती।
मॉरीशस और फिजी – प्रवासी भारतीयों की पहचान
हिंद महासागर का द्वीप देश मॉरीशस (Mauritius) भारतीय मूल की बड़ी आबादी के कारण होली को बड़े पैमाने पर मनाता है। यहां यह सार्वजनिक अवकाश (पब्लिक हॉलीडे) होता है। होलिका दहन के साथ पारंपरिक ‘फाग’ गीत पूरे द्वीप में गूंजते हैं। इसी तरह Fiji में होली को ‘पगुआ’ कहा जाता है। यहां भी भारतीय समुदाय रंगों, गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ इसे उत्साहपूर्वक मनाता है।
कैरेबियन देशों में ‘फगवा’ का रंग
कैरेबियन क्षेत्र के गुयाना (Guyana), सूरीनाम (Suriname) और त्रिनिदाद (Trinidad), (टोबैगो)Tobago में होली ‘फगवा’ नाम से जानी जाती है। यहां चौताल गीत गाने और होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है। रंगों के साथ पारंपरिक संगीत और ढोलक की थाप इस उत्सव को खास बनाती है। इन देशों में होली सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुकी है।
अमेरिका और ब्रिटेन – रंगों का मेगा फेस्टिवल
United States में होली अब एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन का रूप ले चुकी है। यूटा के स्पेनिश फोर्क में स्थित Sri Sri Radha Krishna Temple (हरे कृष्ण मंदिर) में आयोजित होली समारोह दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में गिना जाता है। न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में ‘कलर रन’ और म्यूजिक फेस्टिवल (Holi Celebration Worldwide) भी आयोजित किए जाते हैं, जिनमें विभिन्न समुदायों के लोग हिस्सा लेते हैं। वहीं United Kingdom में लंदन, लीसेस्टर और बर्मिंघम जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर होली इवेंट होते हैं। भारतीय संगीत, डांस और रंगों के साथ ये आयोजन बहुसांस्कृतिक समाज की झलक पेश करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका – रंगों का आधुनिक अंदाज
ऑस्ट्रेलिया (Australia) के सिडनी और मेलबर्न में होली फेस्टिवल युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय है। यहां डीजे म्यूजिक और रंगों की बारिश के साथ आधुनिक अंदाज में जश्न मनाया जाता है। South Africa के डरबन और जोहान्सबर्ग में भी भारतीय मूल के लोगों के बीच होली पारंपरिक (Holi Celebration Worldwide) और आधुनिक दोनों रूपों में मनाई जाती है।
सांस्कृतिक कूटनीति का माध्यम बनी होली
दुनिया भर में होली (Holi Celebration Worldwide) का बढ़ता प्रभाव बताता है कि यह त्योहार अब ‘सॉफ्ट पावर’ का भी हिस्सा बन चुका है। रंगों के जरिए यह उत्सव संस्कृतियों को जोड़ने, विविधता को अपनाने और वैश्विक भाईचारे का संदेश देने का माध्यम बन रहा है। भारत से शुरू हुआ यह रंगोत्सव अब विश्व मंच पर भारतीय संस्कृति की पहचान बन चुका है।
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