Divorce Month January: नया साल आते ही लोग नई उम्मीदों, नए सपनों और नई शुरुआत का संकल्प लेते हैं। सोशल मीडिया से लेकर पर्सनल लाइफ तक हर जगह ‘New Year, New Me’ की बात होती है। लेकिन इसी नए साल के पहले महीने में कई रिश्ते टूट भी जाते हैं। यही वजह है कि जनवरी को दुनियाभर में अनौपचारिक रूप से ‘Divorce Month January ’ यानी तलाक का महीना कहा जाने लगा है।
जनवरी वह समय होता है जब लोग बीते साल के रिश्तों, तनाव और अधूरी उम्मीदों पर दोबारा विचार करते हैं। कई कपल्स इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि वे एक नाखुश शादी में आगे नहीं रह सकते।
क्यों कहलाता है जनवरी ‘तलाक का महीना’? (Divorce Month January)
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जनवरी को तलाक का महीना इसलिए कहा जाता है क्योंकि छुट्टियों के बाद लोग अपने जीवन को नए सिरे से देखने लगते हैं। क्रिसमस और न्यू ईयर की छुट्टियों में लोग अक्सर रिश्तों को निभाने की कोशिश करते हैं, बच्चों और परिवार के लिए समझौते करते हैं।
लेकिन जैसे ही त्योहार खत्म होते हैं और रूटीन लाइफ शुरू होती है, तब सच्चाई सामने आने लगती है। नई शुरुआत की चाह में कई लोग नाखुश शादी से बाहर निकलने का फैसला लेते हैं।
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आंकड़े क्या कहते हैं?
रिसर्च और फैमिली लॉ एक्सपर्ट्स के अनुसार, जनवरी के महीने में तलाक के मामलों में करीब 33% तक की बढ़ोतरी देखी जाती है। वहीं नवंबर और दिसंबर जैसे फेस्टिव महीनों में तलाक के केस काफी कम हो जाते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि त्योहारों के दौरान लोग परिवार की खुशी के लिए अपने फैसले टालते हैं, लेकिन जनवरी आते ही वे अपने लिए कदम उठाते हैं।

जनवरी ही क्यों बनता है फैसला लेने का महीना?
जनवरी सिर्फ फैसला लेने का समय होता है। ज्यादातर लोग इसी महीने वकीलों से संपर्क करना शुरू करते हैं, कानूनी सलाह लेते हैं और दस्तावेज़ तैयार करते हैं। यही कारण है कि फरवरी और मार्च तक तलाक की कानूनी प्रक्रियाएं तेज हो जाती हैं।
यही वजह है कि कुछ एक्सपर्ट्स इसे सिर्फ तलाक का महीना नहीं, बल्कि ‘Divorce Month January’ भी कहते हैं। इसके अलावा, जनवरी में गूगल पर ‘How to get divorce’ जैसे सर्च की संख्या भी तेजी से बढ़ जाती है।
तलाक के पीछे असली कारण क्या हैं?
हालांकि सिर्फ महीना ही रिश्तों के टूटने का कारण नहीं होता। कई सर्वे और स्टडीज के मुताबिक, तलाक के पीछे कुछ प्रमुख वजहें होती हैं:
- पार्टनर की बेवफाई
- विचारों और अपेक्षाओं का मेल न होना
- पैसों को लेकर लगातार झगड़े
- इमोशनल सपोर्ट और कम्युनिकेशन की कमी
- लंबे समय से चला आ रहा तनाव
जनवरी सिर्फ वह समय होता है जब लोग इन समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनका समाधान खोजने का फैसला लेते हैं।
क्या हर कपल के लिए जनवरी खतरे (Divorce Month January )की घंटी है?
नहीं, हर शादी के लिए जनवरी तलाक का संकेत नहीं होता। कई कपल्स इसी समय अपने रिश्ते को सुधारने, काउंसलिंग लेने और एक नई शुरुआत करने का फैसला भी करते हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि खुलकर बातचीत और सही मार्गदर्शन से कई रिश्तों को बचाया जा सकता है।
जनवरी को तलाक का महीना इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह आत्ममंथन और फैसले लेने का समय होता है। नए साल की शुरुआत लोगों को साहस देती है कि वे अपनी जिंदगी में जरूरी बदलाव करें, चाहे वह एक खराब आदत छोड़ना हो या एक नाखुश रिश्ते से बाहर निकलना।
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