Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एंटी करेप्शन की टीम ने एक महिला दरोगा को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला दरोगा एक मां और बेटे से केस के विवेचना से नाम हटाने के लिए 10 हजार रुपए घूस ले रही थी। तभी एंटी करेप्शन की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। महिला दारोगा के साथ दो सिपाही भी थे जो टीम के घेराबंदी करने पर चकमा देकर फरार हो गए। आरोपी प्रशिक्षु महिला दरोगा अंकिता पांडेय पिपराइच थाने में तैनात थी।
Uttar Pradesh : ये है पूरा मामला…
दरअसल, पिपराइच के बेला कांटा गांव की रहने वाली उर्मिला देवी पत्नी गोरख निषाद और उनके परिवार के खिलाफ 27 सितंबर 2024 पट्टीदारों ने मारपीट करने का केस दर्ज कराया था। इसकी विवेचना पिपराइच थाने में तैनात बिहार के भोजपुर जिले की रहने वाली प्रशिक्षा महिला दारोगा अंकिता पांडेय को मिली थी। आरोप है कि पति गोरख, बेटे तूफानी और बेटी घटना में शामिल नहीं थे। इसका प्रमाण देने के बाद भी महिला दारोगा अंकिता पांडेय केस से नाम निकालने के लिए 10 हजार रुपये मांग रही थीं।
मामले की शिकायत महिला ने अपने अधिवक्ता के साथ एंटी करप्शन थाने में जाकर की। टीम ने छानबीन की तो मामला सही पाया। जिसके बाद अब एंटी करप्शन की टीम ने महिला दारोगा के खिलाफ कैंट थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करा जांच के आदेश दे दिए।



