By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: NCERT Book Controversy: एनसीईआरटी की विवादित किताब पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, डिजिटल प्रसार रोकने के निर्देश, शिक्षा मंत्रालय ने लिखे पत्र
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > ताज़ा खबरे > NCERT Book Controversy: एनसीईआरटी की विवादित किताब पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, डिजिटल प्रसार रोकने के निर्देश, शिक्षा मंत्रालय ने लिखे पत्र
ताज़ा खबरे

NCERT Book Controversy: एनसीईआरटी की विवादित किताब पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, डिजिटल प्रसार रोकने के निर्देश, शिक्षा मंत्रालय ने लिखे पत्र

Gajendra Singh Tanwar
Last updated: 2026-02-27 12:03 अपराह्न
Gajendra Singh Tanwar Published 2026-02-27
Share
NCERT Book Controversy
NCERT Book Controversy: एनसीईआरटी की विवादित किताब पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, डिजिटल प्रसार रोकने के निर्देश, शिक्षा मंत्रालय ने लिखे पत्र
SHARE

NCERT Book Controversy: आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की एक पाठ्यपुस्तक को लेकर उठे विवाद ने अब बड़ा संवैधानिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। Supreme Court of India ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की उस पुस्तक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित अध्याय शामिल था। अदालत के आदेश के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (NCERT Book Controversy) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखकर पुस्तक के डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक प्रसार पर तत्काल रोक लगाने का आग्रह किया है।

Contents
क्या है विवाद की जड़?डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोक के लिए मंत्रालयों को पत्रकोर्ट की कड़ी टिप्पणी और मीडिया को धन्यवादशिक्षा मंत्री का आश्वासन – जवाबदेही तय होगीव्यापक बहस – अभिव्यक्ति, शिक्षा और संवैधानिक मर्यादा

क्या है विवाद की जड़?

मामला एनसीईआरटी (NCERT Book Controversy) की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से जुड़ा है। पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर आधारित एक अध्याय को लेकर आपत्ति जताई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि पाठ्यक्रम के कुछ अंश न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाते प्रतीत होते हैं और ऐसा लगता है कि न्यायिक संस्था को कमजोर करने का ‘सुनियोजित प्रयास’ किया गया है। इसके बाद अदालत ने न केवल पुस्तक के भविष्य के प्रकाशन और पुनर्मुद्रण पर रोक लगाई, बल्कि पहले से वितरित प्रतियों को भी जब्त करने का आदेश दिया। साथ ही डिजिटल संस्करण को भी हटाने के निर्देश दिए गए।

Read More: ड्राइवर बने मालिक, अमित शाह का ‘भारत टैक्सी’ मॉडल बदलेगा राइड-हेलिंग बाजार का गणित

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोक के लिए मंत्रालयों को पत्र

शिक्षा मंत्रालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि भौतिक प्रतियों को वापस लेने और पुनर्मुद्रण रोकने की प्रक्रिया National Council of Educational Research and Training और संबद्ध एजेंसियां संभाल रही हैं। हालांकि, डिजिटल मंचों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रसार को रोकने के लिए संबंधित मंत्रालयों Ministry of Electronics and Information Technology और Ministry of Information and Broadcasting के सक्षम प्राधिकारियों से हस्तक्षेप करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि जब तक ऑनलाइन उपलब्ध सामग्री हटाई नहीं जाती, तब तक अदालत के आदेश का पूर्ण अनुपालन संभव नहीं होगा।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी और मीडिया को धन्यवाद

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ (NCERT Book Controversy) जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली शामिल थे, ने मीडिया की भूमिका की सराहना की। पीठ ने कहा कि आपत्तिजनक अंश को उजागर करने में मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अन्यथा “अपूरणीय क्षति” हो सकती थी। अदालत ने यह भी कहा कि न्यायपालिका पर ‘आघात’ हुआ है और संस्था ‘आहत’ है। यह टिप्पणी बताती है कि अदालत इस मुद्दे को सिर्फ शैक्षणिक विवाद नहीं, बल्कि संवैधानिक गरिमा से जुड़ा मामला मान रही है।

शिक्षा मंत्री का आश्वासन – जवाबदेही तय होगी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले पर नाराजगी (NCERT Book Controversy)  जताते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है और किसी भी संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाने का उसका कोई इरादा नहीं है। प्रधान ने संकेत दिया कि पाठ्यक्रम तैयार करने और उसे अनुमोदित करने की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनुचित निर्णय पाया गया, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

व्यापक बहस – अभिव्यक्ति, शिक्षा और संवैधानिक मर्यादा

इस प्रकरण ने शिक्षा सामग्री की समीक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर शैक्षणिक स्वतंत्रता और आलोचनात्मक विमर्श (NCERT Book Controversy) की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा बनाए रखना भी आवश्यक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में पाठ्यपुस्तकों की सामग्री के मूल्यांकन के लिए अधिक पारदर्शी और बहु-स्तरीय तंत्र विकसित करने की जरूरत है, ताकि इस तरह के विवाद दोबारा न हों।

Also Read:  CBSE छात्रों के लिए कैम्ब्रिज का दरवाज़ा खुला, अब 12वीं के अंकों से मिल सकेगा दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में मौका

You Might Also Like

NCERT Controversy: 8वीं की किताब में ‘न्यायिक भ्रष्टाचार’ पर बवाल, PM मोदी की सख्त टिप्पणी से मचा हड़कंप

Bharat Taxi Cooperative Ride India: ड्राइवर बने मालिक, अमित शाह का ‘भारत टैक्सी’ मॉडल बदलेगा राइड-हेलिंग बाजार का गणित

Manipur CM Meets Amit Shah: मणिपुर में शांति की नई पहल, सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने अमित शाह से की अहम मुलाकात

Avimukteshwaranand Case: प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और शिष्य के खिलाफ FIR, POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

India Bangladesh Maitri Bus: ढाका से कोलकाता तक फिर दौड़ेगी मैत्री बस, भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई सड़क कूटनीति की शुरुआत

TAGGED:Dharmendra PradhanDigital Content RegulationEducation Ministry IndiaIndian Judiciary NewsJudiciary DignityMedia Role IndiaNCERT controversyNCERT textbook banSchool Curriculum IssueSupreme Court of IndiaTextbook Ban India
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
The Kerala Story 2
बॉलीवुडमनोरंजन

‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज पर लगी रोक, हाई कोर्ट ने मेकर्स को दिया सख्त निर्देश

Rupam Rupam 2026-02-25
Jharkhand News: झारखंड में खौफनाक हादसा! रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश, 7 की दर्दनाक मौत
Digital Toll System: 1 अप्रैल 2026 से टोल प्लाजा पर कैश बंद? डिजिटल इंडिया की राह पर NHAI का बड़ा संकेत
Vaibhav Suryavanshi U19 World Cup: ‘बिहार का बेटा, भारत की शान’ – वैभव सूर्यवंशी को CM नीतीश का 50 लाख सम्मान, टाटा ने दी कर्व कार
Mann Ki Baat 131: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में आमजन के साथ सुना कार्यक्रम, कहा-‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान’ का संकल्प होगा साकार
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?