रिपोर्टर- राहुल कुमार
National Tiranga Day : आज का दिन भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है। 22 जुलाई 1947 को भारतीय संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में आधिकारिक मान्यता दी थी।
यह केवल एक झंडा नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम, त्याग, संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया। इस दिन को हर वर्ष राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में मनाया जाता है।
National Tiranga Day : तिरंगे के रंगों और प्रतीकों का महत्व
तिरंगे में शामिल प्रत्येक रंग और चिह्न का विशेष अर्थ है। ऊपर का केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, मध्य का सफेद रंग शांति और सच्चाई को दर्शाता है, जबकि नीचे का हरा रंग समृद्धि और विकास का प्रतीक है। केंद्र में मौजूद नीले रंग का अशोक चक्र, जिसमें 24 तीलियाँ हैं, वह न्याय, धर्म और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।
National Tiranga Day : देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन
राष्ट्रीय ध्वज दिवस के अवसर पर देशभर में सम्मान समारोह और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी कार्यालयों और विभिन्न संस्थानों में ध्वज वंदन, भाषण प्रतियोगिताएं, रैलियाँ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ की जाती हैं। यह दिन नागरिकों में संविधान और राष्ट्र के प्रति आस्था और गर्व की भावना को और प्रबल करता है।
National Tiranga Day :गौरव और एकता का प्रतीक
तिरंगा हर भारतीय के दिल में सम्मान और गर्व का भाव जगाता है। यह न केवल हमारी आज़ादी की पहचान है, बल्कि देश की एकता, अखंडता और विविधता का भी प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज दिवस हमें यह याद दिलाता है कि देश के प्रति हमारा कर्तव्य सर्वोपरि है और तिरंगे का सम्मान हर नागरिक की ज़िम्मेदारी है।
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