Gold Silver Price Today: लगातार रिकॉर्ड बना रहे सोने और चांदी की कीमतों पर आखिरकार ब्रेक लग गया है। राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में गुरुवार को दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों, सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग में कमी और मुनाफावसूली के दबाव ने कीमतों को नीचे खींच लिया। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है क्या यह खरीदारी का सही मौका है या अभी और गिरावट का खतरा बाकी है?
सोने में रिकॉर्ड तेजी (Gold Silver Price Today)के बाद बड़ी गिरावट
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना गुरुवार को 2,500 रुपये यानी करीब 1.56 प्रतिशत गिरकर 1,57,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गया। इससे एक दिन पहले ही सोना 1,59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर बंद हुआ था। लगातार तेजी के बाद यह गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली रही। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे सोने की कीमतों में दबाव देखने को मिला।
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चांदी की 9 दिन की रैली पर लगा विराम
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई। लगातार नौ दिनों से जारी रिकॉर्ड तेजी के बाद चांदी 14,300 रुपये यानी करीब 4.3 प्रतिशत टूटकर 3,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले सत्र में चांदी 3,34,300 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। इतनी तेज गिरावट ने अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
सोना-चांदी क्यों हुए सस्ते? (Gold Silver Price Today) जानें बड़ी वजहें

बाजार जानकारों के अनुसार, कई फैक्टर्स ने मिलकर कीमती धातुओं की चमक फीकी की है। HDFC Securities के वरिष्ठ जिंस विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, सुरक्षित निवेश की मांग में कमी और मुनाफावसूली के कारण सोना-चांदी अपने उच्चतम स्तर से फिसल गए।
उन्होंने बताया कि Donald Trump द्वारा कुछ यूरोपीय देशों पर शुल्क लगाने की धमकी वापस लेने और ग्रीनलैंड को लेकर संभावित समझौते की बात से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा मजबूत हुई। इससे निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्तियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई।
वहीं, LKP Securities के शोध उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी का कहना है कि भू-राजनीतिक जोखिमों में नरमी आने से घरेलू बाजार में हल्की मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके अलावा, अमेरिका और भारत के बीच बेहतर व्यापार संबंधों की उम्मीद ने भी सोने-चांदी पर दबाव बनाया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव (Gold Silver Price Today ) देखने को मिला। चांदी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 93.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी, जबकि इससे पहले यह 95.89 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी थी। सोने में भी ऊपरी स्तरों से हल्की नरमी देखने को मिली, जिससे घरेलू कीमतों पर असर पड़ा।
Budget 2026 से मिल सकता है सपोर्ट
Mirae Asset Sharekhan के शोध विश्लेषक प्रवीण सिंह का मानना है कि भले ही फिलहाल कीमतों पर दबाव बना हुआ है, लेकिन भू-राजनीतिक चिंताएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे में आने वाले समय में सोने को फिर से समर्थन मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बजट में आयात शुल्क बढ़ने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिल सकती है।
खरीदारी का मौका या खतरे की घंटी?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट चरणबद्ध खरीदारी का मौका हो सकती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार के संकेत देखकर ही रणनीतिक निवेश करना चाहिए।



