Biogas CNG Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए यूनियन बजट 2026-27 में ऑटोमोबाइल सेक्टर (Biogas CNG Budget 2026) को लेकर कई ऐसे फैसले लिए गए हैं, जो न केवल गाड़ियों की लागत घटा सकते हैं बल्कि भारत के ग्रीन मोबिलिटी मिशन को भी नई रफ्तार देंगे। खासतौर पर बायोगैस-ब्लेंडेड CNG और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर को बजट से बड़ा सहारा मिला है।
बायोगैस-ब्लेंडेड CNG पर पूरी एक्साइज छूट
बजट 2026 की सबसे अहम घोषणाओं में से एक बायोगैस-ब्लेंडेड CNG को लेकर है। वित्त मंत्री ने साफ किया कि अब बायोगैस-मिश्रित CNG पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की गणना करते समय बायोगैस के पूरे मूल्य को बाहर रखा जाएगा। अब तक इस पर GST को एडजस्ट किया जाता था, जिससे टैक्स का बोझ पूरी तरह खत्म नहीं होता था। लेकिन नई व्यवस्था में जितना ज्यादा बायोगैस CNG (Biogas CNG Budget 2026) में शामिल होगा, उतनी ही टैक्स देनदारी घटेगी।
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क्या होगा सीधा फायदा?
ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे प्रति किलोग्राम CNG की कीमत में 2 से 3 रुपये तक की कमी आ सकती है। सामान्य CNG पर अभी 14 फीसदी तक या करीब 14-15 रुपये प्रति किलो एक्साइज ड्यूटी लगती है। बायोगैस के अनुपात के हिसाब से यह टैक्स घटेगा, जिससे CNG वाहन चलाना और सस्ता हो जाएगा।

CNG वाहनों की मांग को मिलेगा नया बल
कम कीमत का सीधा असर CNG कारों, टैक्सियों और कमर्शियल वाहनों की बिक्री पर पड़ सकता है। खासतौर पर शहरों में चलने वाले फ्लीट ऑपरेटर्स और कैब सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए यह बड़ा राहत पैकेज माना जा रहा है। साथ ही बायोगैस के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जिससे पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।
EV बैटरी सस्ती होने की उम्मीद
बजट 2026 में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर भी सरकार ने लंबी दूरी की सोच दिखाई है। केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए स्पेशल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। ये मिनरल्स EV मोटर्स और बैटरी निर्माण के लिए बेहद जरूरी होते हैं। अभी भारत इन खनिजों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे EV बैटरी की लागत बढ़ जाती है। घरेलू उत्पादन शुरू होने से इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी और आने वाले वर्षों में EV बैटरी सस्ती होने की संभावना बढ़ेगी।
BESS को मिली कस्टम ड्यूटी राहत
वित्त मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए दी जा रही बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) में इस्तेमाल होने वाली कैपिटल गुड्स तक बढ़ाया जाएगा। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन (Biogas CNG Budget 2026) की कुल लागत का सबसे बड़ा हिस्सा होती है। इससे EV कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग लागत घटेगी और ग्राहकों को भी सस्ती इलेक्ट्रिक गाड़ियां मिल सकती हैं।
EV चार्जिंग के लिए सुपर ऐप और PLI विस्तार
सरकार ने PM E-DRIVE स्कीम के तहत 1,500 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अंतर्गत EV चार्जिंग और पेमेंट के लिए एक नेशनल सुपर ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिससे चार्जिंग स्टेशन ढूंढना और भुगतान करना आसान होगा। इसके अलावा ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए PLI स्कीम का दायरा बढ़ाकर 5,940 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रीन मोबिलिटी की ओर मजबूत कदम
कुल मिलाकर बजट 2026 ऑटो सेक्टर (Biogas CNG Budget 2026) के लिए सिर्फ टैक्स राहत नहीं, बल्कि एक रणनीतिक रोडमैप लेकर आया है। बायोगैस-CNG से लेकर EV बैटरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक, सरकार ने साफ संकेत दिया है कि भविष्य की मोबिलिटी ग्रीन, किफायती और आत्मनिर्भर होगी।
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