Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे (Baramati Plane Crash) पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) के महानिदेशक और DGCA के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और दुर्घटना की गहन जांच जारी है। मंत्री के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पहली बार लैंडिंग के प्रयास के दौरान दृश्यता कम थी, जिसकी सूचना पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी थी।
उन्होंने बताया कि दूसरी बार लैंडिंग के प्रयास में पायलट को रनवे दिखाई दिया, जिसके बाद ATC से अनुमति मिली। हालांकि, उसी प्रयास के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘हर जान की कीमत है और देश में सुरक्षित विमानन व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।’
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हैदराबाद में हाई-लेवल बैठक, जांच तेज
हैदराबाद में आयोजित विंग्स ऑफ इंडिया सम्मेलन से इतर मंत्री राम मोहन नायडू ने बारामती हादसे (Baramati Plane Crash) को लेकर एक हाई-लेवल बैठक की। इस बैठक में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा, DGCA के महानिदेशक फैज अहमद किदवई, AAI के चेयरमैन विपिन कुमार और संयुक्त सचिव आसंगबा चूबा शामिल रहे। यह बैठक हादसे के बाद मंत्रालय स्तर पर की गई पहली औपचारिक समीक्षा मानी जा रही है। अधिकारियों ने मंत्री को जांच की प्रगति, मौके से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और आगे की कार्रवाई के रोडमैप की जानकारी दी।

बारामती में दर्दनाक हादसा, टेबलटॉप रनवे के पास गिरा विमान
पुणे जिले के बारामती (Baramati Plane Crash) हवाई अड्डे के पास टेबलटॉप रनवे से महज 200 मीटर की दूरी पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (66) और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार के निधन से राज्य की राजनीति में गहरा शोक और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। उनके निधन को लेकर न केवल बीजेपी-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बड़ा खालीपन महसूस किया जा रहा है, बल्कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भविष्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
शरद पवार की अपील – हादसे को राजनीतिक रंग न दिया जाए
एनसीपी के संस्थापक और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने इस त्रासदी पर शोक जताते हुए कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने जांच एजेंसियों पर भरोसा जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुंबई से बारामती जा रहे थे, दूसरी लैंडिंग में हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित 16 साल पुराना चार्टर्ड लियरजेट विमान मुंबई से बारामती (Baramati Plane Crash) जा रहा था। यह विमान दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास करते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ। बारामती एक गैर-नियंत्रित हवाई क्षेत्र है, जहां आमतौर पर स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठनों के प्रशिक्षक और पायलट ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं। अजित पवार राज्य में 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के प्रचार के सिलसिले में जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे।
अनुभवी क्रू भी नहीं बच पाया, ब्लैक बॉक्स की तलाश
हादसे में जान गंवाने वालों में कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल हैं, जिनके पास करीब 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक (1,500 घंटे अनुभव), निजी सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी मौत हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विमान से बरामद किए गए ब्लैक बॉक्स जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं का विश्लेषण किया जाएगा।
सवाल और सबक – क्या बदलेगा गैर-नियंत्रित हवाई अड्डों का प्रोटोकॉल?
इस हादसे ने एक बार फिर गैर-नियंत्रित हवाई अड्डों, खराब दृश्यता में लैंडिंग प्रक्रियाओं और मौसम आधारित निर्णय प्रणाली पर बहस छेड़ दी है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि भविष्य में ऐसे हादसों (Baramati Plane Crash) को रोकने के लिए कौन से प्रोटोकॉल और तकनीकी बदलाव किए जाएंगे।



