Attack in Pakistan : इस आतंकी संगठन ने ली जिम्मेदारी
अक्सर भारत में अराजकता और दहशत फैलाने की कोशिश करने वाला पाकिस्तान आज खुद अन्दरूनी कलह से जूझ रहा हैं। आतंकियों को संरक्षित करने वाली पाकिस्तानी आर्मी को अब खुद आतंकी हमलों से गुजरना पड़ रहा हैं। उसका अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर भीषण आत्मघाती कार बम हमला हुआ है, जिसमें 13 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। यह हमला उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली कस्बे के खादी मार्केट इलाके में हुआ, जो पहले से ही तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमलों के लिए कुख्यात है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में आतंकी गतिविधियों में लगातार तेजी देखी गई हैं और वहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले तेज होते जा रहे हैं। इस हमले की जिम्मेदारी टीटीपी से जुड़े उसूद-उल-हर्ब गुट ने ली है, जो इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन और हाफिज गुल बहादुर ग्रुप से जुड़ा माना जाता है।
Attack in Pakistan : जानें क्या हैं पूरी खबर ?
स्थानीय अधिकारियों के मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर विस्फोटकों से लदी एक आत्मघाती कार ने पाकिस्तानी सेना के बम-निरोधक यूनिट के एमआरएपी वाहन को टक्कर मार दी। उस समय सेना की यह गाड़ी नागरिक क्षेत्रों में बम-निरोधक ड्यूटी पर थी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह विस्फोट इतना जबरदस्त था कि 13 सैनिकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया तो वही 10 सैन्यकर्मी और 19 नागरिक घायल हो गए। घायलों में एक दर्जन से अधिक महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिनमें कई की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट की वजह से आसपास के दो घरों की छतें गिर गईं, जिससे छह बच्चे भी घायल हो गए। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत व बचाव कार्य में बड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
यह आत्मघाती हमला पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी घटनाओं की उस लहर का हिस्सा है जिसने हाल ही के महीनों में खासतौर पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत को हिला कर रख दिया है। पाकिस्तानी सेना ने इसी साल मार्च में दावा किया था कि उसने टीटीपी से जुड़े 10 संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया था, लेकिन इसके बावजूद हमले नहीं थमे। मार्च में ही बलूच लिबरेशन आर्मी के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला किया था, जिसमें 21 यात्री और 4 अर्धसैनिक बल के जवान मारे गए थे। वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में पिछले साल के मुकाबले 45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो 2023 में 748 से बढ़कर 2024 में 1,081 हो गईं। इसके साथ ही पाकिस्तान दुनिया में आतंकवादी हमलों से होने वाली मौतों के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो कही ना कही पाकिस्तानी हुकूमत से ग्रस्त लोगों के अंदर आजादी को लेकर उनकी मांगों के बढ़ने की ओर इशारा कर रहा हैँ।
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