US Iran Talks: मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शनिवार को दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक हलचल का केंद्र बन गई। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) की मौजूदगी में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का आगाज़ हुआ। सालों से अमेरिका के साथ ‘सीधे संवाद’ न करने की अपनी कट्टर नीति को दरकिनार करते हुए ईरान ने न केवल मेज पर बैठने का फैसला किया, बल्कि सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दौर की बातचीत में तीन अहम मुद्दों पर अपनी सहमति भी दे दी है।
यह बैठक करीब दो घंटे तक चली, जिसका मुख्य उद्देश्य एक नाजुक युद्धविराम (Ceasefire) को स्थायी शांति में बदलना है। हालांकि, इजराइल की ओर से लेबनान पर हमले जारी रहने के बावजूद ईरान ने लचीला रुख अपनाते हुए बातचीत को जारी रखा है। इस पूरी वार्ता पर व्हाइट हाउस से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पल-पल की नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के पास अब ‘मोलभाव’ करने के लिए अधिक विकल्प नहीं बचे हैं, और शांति ही एकमात्र रास्ता है। US Iran Talks
ईरान ने बदली अपनी नीति
ईरान की लंबे समय से यह नीति रही है कि वह अमेरिका के साथ कभी सीधी बातचीत नहीं करेगा, लेकिन इस्लामाबाद में यह ‘दीवार’ टूट गई। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के कड़े रुख और ट्रंप प्रशासन के दबाव के चलते ईरान को अपनी शर्त वापस लेनी पड़ी। सूत्रों का मानना है कि ईरान को पता है कि जेडी वेंस वर्तमान अमेरिकी प्रशासन में एक ऐसे व्यक्ति हैं जो युद्ध टालने के पक्ष में हैं, इसलिए तेहरान उन्हें खाली हाथ नहीं भेजना चाहता। US Iran Talks
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ट्रंप की सख्त चेतावनी
बातचीत शुरू होने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सख्त संदेश दिया था। उन्होंने कहा, ‘ईरान मिलिट्री तौर पर हार चुका है। आज वे सिर्फ बातचीत करने के लिए जिंदा हैं। उनके पास शांति वार्ता में कोई पत्ते (Cards) नहीं बचे हैं। हमें जल्द ही पता चल जाएगा कि वहां क्या हो रहा है।’ वहीं जेडी वेंस ने भी ईरान को आगाह किया कि वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह का ‘खेल’ खेलने की कोशिश न करे। US Iran Talks
तीन बड़े मुद्दों पर बनी सहमति
दो घंटे की आमने-सामने की मुलाकात में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर अपनी सहमति जताई है। हालांकि इन मुद्दों का विस्तृत विवरण गोपनीय रखा गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही की सुरक्षा और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को रोकना शामिल हो सकता है। ईरान को उम्मीद है कि इन समझौतों के बदले उसे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ रियायत मिल सकती है। US Iran Talks
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हजारों की गई जान
इस युद्ध ने अब तक भयानक तबाही मचाई है। आंकड़ों के अनुसार, ईरान में 3,000 से अधिक मौतें। लेबनान में 1,953 लोगों की जान गई। इजराइल में 23 लोगों की मौत। एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई। फारस की खाड़ी में जारी इस तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा (Oil & Gas) की कीमतें आसमान छू रही हैं। US Iran Talks
पाकिस्तान की मध्यस्थता और क्षेत्रीय सुरक्षा
यह बातचीत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की मेजबानी में हो रही है। वेंस ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद शरीफ से मुलाकात की, जिसके बाद ईरानी डेलीगेशन के साथ तीन-तरफ़ा बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु (Bridge) की भूमिका निभा रहा है ताकि वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को फिर से बहाल किया जा सके। US Iran Talks



