Trump Tariff Plan Fails: अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद वैश्विक व्यापार जगत में हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत सरकार करीबी नजर बनाए हुए है। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका में हो रहे इस नीतिगत बदलाव का भारतीय निर्यात, आयात और व्यापार संतुलन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसका विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। मंत्रालय यह समझने की कोशिश कर रहा है कि बदलते टैरिफ ढांचे से भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता, निवेश माहौल और विदेशी बाजारों में स्थिति पर किस प्रकार का असर पड़ सकता है।
भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका में तेजी से बदल रहे हालात और उनके भारतीय व्यापार पर संभावित असर का गंभीरता से अध्ययन किया जा रहा है। इस घटनाक्रम से आने वाले समय में आयात-निर्यात और व्यापारिक रणनीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने रोका ट्रंप का टैरिफ प्लान
टैरिफ विवाद की जड़ 1977 के उस कानून में थी, जिसके तहत ट्रंप प्रशासन विभिन्न देशों पर अतिरिक्त टैक्स लगा रहा था। लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से साफ कर दिया कि राष्ट्रपति को इस कानून के तहत मनमाने टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इस फैसले के बाद ट्रंप ने अदालत पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उस पर विदेशी ताकतों का प्रभाव है। (Trump Tariff Plan Fails)
US Supreme Court: अपने ही टैरिफ में फंसे ट्रंप, सुप्रीम कोर्ट में हुई बेइज्जी!

सामने आया ‘प्लान B’
कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने ‘टेंपरेरी इंपोर्ट सरचार्ज’ का नया रास्ता अपनाया। यह नया नियम 24 फरवरी से लागू होगा और 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। भारत का वाणिज्य मंत्रालय अब यह आकलन कर रहा है कि नया 10% टैरिफ भारतीय निर्यातकों की कमाई पर कितना असर डालेगा और व्यापार संतुलन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। (Trump Tariff Plan Fails)
आम नागरिक पर क्या होगा असर?
अमेरिका की टैरिफ नीति में बदलाव का असर सीधे तौर पर भारत के कई प्रमुख सेक्टर्स पर पड़ सकता है, खासकर आईटी, टेक्सटाइल और फार्मा इंडस्ट्री पर। यदि टैरिफ दरें कम बनी रहती हैं, तो भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। इससे निर्यात बढ़ने की संभावना है, जिससे देश में डॉलर का प्रवाह मजबूत होगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है। (Trump Tariff Plan Fails)
शेयर बाजार से नौकरियों तक असर
ऐसे में अगर वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी रहती है, तो इसका असर निवेश माहौल, शेयर बाजार और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है। व्यापारिक अस्थिरता से कंपनियों की भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसकी वजह से कई नई नौकरियों के सृजन और निवेश के फैसलों में सावधानी देखने को मिल सकती है। (Trump Tariff Plan Fails)



