Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने US और इजराइल को साफ चेतावनी दी है कि वह किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। ईरान के नए सुप्रीम लीडर, मोजतबा खामेनेई ने साफ कहा है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहेगा, और हर मौत का बदला लिया जाएगा।’
ईरान के बयान के बाद, पूरी दुनिया का ध्यान खाड़ी क्षेत्र पर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद करने से न सिर्फ मिडिल ईस्ट बल्कि ग्लोबल इकॉनमी और तेल सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है।
ईरान का बड़ा ऐलान – स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहेगा
ईरान की तरफ से जारी बयान में साफ कहा गया है कि अगर US और इजराइल ने ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की, तो उन्हें सख्त जवाब मिलेगा।
खामेनेई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormu) ईरान की सुरक्षा और स्ट्रैटेजी का एक जरूरी हिस्सा है, और जब तक इलाके में तनाव कम नहीं हो जाता, इसे खोलने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि ईरान अपने सैनिकों और आम लोगों की मौत को कभी नहीं भूलेगा, और हर हमले का बदला लिया जाएगा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) लंबे समय तक बंद रहा, तो दुनिया की लगभग 20% तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
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हर मौत का बदला लेने की कसम
अपने भाषण में, खामेनेई ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने शहीदों का खून बेकार नहीं जाने देगा। उन्होंने कहा, ‘हम हर मौत का बदला लेंगे। जो लोग सोचते हैं कि ईरान डर जाएगा, वे गलत हैं।’
इस बयान के बाद मिडिल ईस्ट में मिलिट्री टेंशन और बढ़ने का डर है। ईरान की सख्त स्ट्रैटेजी, खासकर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर, यूनाइटेड स्टेट्स के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
हर US बेस को किया जाएगा टारगेट
ईरान ने न सिर्फ चेतावनी दी, बल्कि साफ-साफ कहा कि अगर हमला होता है, तो मिडिल ईस्ट में सभी US मिलिट्री बेस को टारगेट किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के पास गल्फ रीजन में कई मिसाइल और ड्रोन बेस तैयार हैं, जिनसे वह जवाबी हमला कर सकता है।
ईरान की नेवी और रिवोल्यूशनरी गार्ड की गतिविधियां तेज हो गई हैं, खासकर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के आसपास। एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर टकराव बढ़ता है, तो समुद्री व्यापार पर बुरा असर पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए क्यों हैं जरूरी?
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। यह रास्ता फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, और इसी रास्ते से दुनिया का एक बड़ा कच्चा तेल ट्रांसपोर्ट होता है।
आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन लाखों बैरल तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए, अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो जाता है, तो इसका असर एशिया, यूरोप और अमेरिका तक महसूस किया जा सकता है।
यह भारत जैसे देशों के लिए भी एक बहुत सेंसिटिव मुद्दा है, जो अपनी तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी से पूरा करता है।
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अमेरिका और इजराइल पर बढ़ता दबाव
ईरान के बयान के बाद US और इज़राइल की स्ट्रैटेजी पर भी सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में हालात बिगड़ते हैं, तो US को खाड़ी इलाके में अपने मिलिट्री जहाज और एयरक्राफ्ट बढ़ाने पड़ सकते हैं।
इस बीच, इज़राइल पहले से ही ईरान के खिलाफ़ कड़ा रुख अपना रहा है। ऐसे में, यह टकराव एक बड़े इलाके के झगड़े में बदल सकता है।
क्या मिडिल ईस्ट तीसरे बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट में अभी हालात बहुत नाजुक हैं। अगर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर तनाव बढ़ता है और US या इजराइल कोई मिलिट्री एक्शन लेता है, तो यह लड़ाई एक बड़ी लड़ाई बन सकती है।
ईरान की चेतावनी के बाद, दुनिया भर के कई देशों ने चिंता जताई है और तनाव कम करने की अपील की है। हालांकि, ईरान अभी अपने रुख पर अड़ा हुआ है, उसने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) उसकी स्ट्रेटेजिक ताकत है और इसे बंद रखने का फैसला नेशनल सिक्योरिटी के मामले में लिया गया था।
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