Mexico Drug Trafficking: मेक्सिको में एक मिलिट्री ऑपरेशन में बदनाम ड्रग लॉर्ड नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिसे एल मेंचो के नाम से भी जाना जाता है, की मौत की खबर ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है। वह खतरनाक ड्रग कार्टेल जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था और अमेरिका की मोस्ट वांटेड लिस्ट में सबसे ऊपर था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या एल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको की इमेज बदलेगी? या ड्रग ट्रैफिकिंग का राज पहले की तरह चलता रहेगा?
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Mexico Drug Trafficking: कैसे बना मेक्सिको ड्रग ट्रैफिकिंग का हब?
1. क्या इसकी ज्योग्राफिकल लोकेशन वरदान थी या श्राप?
मेक्सिको की ज्योग्राफिकल लोकेशन इसे ड्रग ट्रैफिकिंग के लिए बहुत अच्छा देश बनाती है। यह देश साउथ अमेरिका के ड्रग बनाने वाले देशों और दुनिया के सबसे बड़े ड्रग कंज्यूमर, यूनाइटेड स्टेट्स के बीच में है।
कोलंबिया, पेरू और बोलीविया जैसे देशों से कोकेन और दूसरे ड्रग्स मेक्सिको के जरिए यूनाइटेड स्टेट्स में लाए गए हैं। इस ट्रांजिट रूट ने मेक्सिको को ड्रग नेटवर्क का हब बना दिया है।
2. कमजोर सिस्टम और करप्शन
मेक्सिको में पुलिस और पॉलिटिकल सिस्टम में करप्शन की समस्या लंबे समय से रही है। ड्रग कार्टेल ने न सिर्फ एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों को रिश्वत दी है, बल्कि उनके खिलाफ एक्शन लेने वालों को धमकाया या मार डाला है। कार्टेल ने गांव और शहर के इलाकों में पैरेलल पावर बना ली है। कई इलाकों में, कानून से ज्यादा कार्टेल का डर है।
3. कार्टेल का बढ़ना और खूनी झगड़े
1980 और 1990 के दशक में, बड़े ड्रग नेटवर्क के खत्म होने के बाद, छोटे गैंग बने, जो बाद में ताकतवर कार्टेल बन गए। CJNG जैसे कार्टेल ने मॉडर्न हथियारों, टेक्नोलॉजी और बेरहम तरीकों की मदद से खुद को सबसे खतरनाक ऑर्गनाइज़ेशन के तौर पर बनाया। एल मेंचो के लीडरशिप में, CJNG ने ड्रग ट्रैफिकिंग के साथ-साथ हथियारों और ह्यूमन ट्रैफिकिंग में भी हिस्सा लिया।
Mexico Drug Trafficking: एल मेंचो कौन था और वह इतना खतरनाक क्यों था?
नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिसे एल मेंचो के नाम से भी जाना जाता था, को दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग लॉर्ड्स में से एक माना जाता था। वह एक पुराना पुलिस ऑफिसर था। बाद में, वह ड्रग नेटवर्क में शामिल हो गया। उसने CJNG को इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ाया। यूनाइटेड स्टेट्स ने उस पर कई मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था।
Mexico Drug Trafficking: क्या एल मेंचो की मौत से ड्रग का साम्राज्य हो जाएगा खत्म?
यह सवाल जितना आसान लग सकता है, जवाब उतना ही मुश्किल है।
1. कार्टेल की जड़ें गहरी: ड्रग नेटवर्क किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। एल मेंचो की मौत के बाद एक नया CJNG लीडर उभर सकता है।
2. सत्ता की लड़ाई से बढ़ सकती हिंसा: इतिहास बताता है कि जब किसी बड़े कार्टेल लीडर की मौत होती है, तो गैंग के अंदर सत्ता की लड़ाई शुरू हो जाती है। इससे हिंसा और बढ़ सकती है।
3. इंटरनेशनल डिमांड: जब तक यूनाइटेड स्टेट्स और यूरोप में ड्रग्स की मजबूत डिमांड रहेगी, सप्लाई चेन बनी रहेगी।
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Mexico Drug Trafficking: मेक्सिको की इमेज पर असर
मेक्सिको की पहचान सिर्फ़ ड्रग्स तक ही सीमित नहीं है। यह देश अपने टूरिज्म, कल्चर और इतिहास के लिए भी मशहूर है, जिसमें कैनकन और लॉस कैबोस जैसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन, माया सभ्यता की ऐतिहासिक निशानियां और समृद्ध कला और संगीत परंपराएं शामिल हैं। हालांकि, ड्रग्स से जुड़ी हिंसा की खबरें इन अच्छी बातों पर भारी पड़ती हैं। एल मेंचो की मौत मैक्सिकन सरकार के लिए अपनी इमेज सुधारने का एक मौका हो सकती है, अगर वह कड़े सुधार लागू करती है।
Mexico Drug Trafficking: क्या मेक्सिको की असलियत बदलेगी?
- सख्त मिलिट्री एक्शन
अगर सरकार लगातार और ऑर्गनाइज़्ड ऑपरेशन चलाती है, तो कार्टेल नेटवर्क कमजोर हो सकते हैं।
- पुलिस सुधार और ट्रांसपेरेंसी
भ्रष्टाचार खत्म किए बिना कोई भी कैंपेन सफल नहीं हो सकता।
- आर्थिक मौके
जहां बेरोजगारी और गरीबी ज्यादा है, वहां युवाओं के कार्टेल के जाल में फंसने की संभावना ज्यादा होती है। रोजगार और शिक्षा सुधार इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
Mexico Drug Trafficking: एक्सपर्ट्स क्या मानते हैं?
एनालिस्ट्स का मानना है कि एक ड्रग लॉर्ड की मौत से पूरा सिस्टम पूरी तरह खत्म नहीं होता। 2016 में एल चापो की गिरफ्तारी के बाद भी ड्रग ट्रैफिकिंग पूरी तरह से बंद नहीं हुई। कार्टेल अब पहले से कहीं ज्यादा ऑर्गेनाइज्ड और टेक्नोलॉजी के मामले में काबिल हैं। वे क्रिप्टोकरेंसी, डार्क वेब और इंटरनेशनल नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Mexico Drug Trafficking: आगे का रास्ता क्या है?
अगर मेक्सिको को ड्रग ट्रैफिकिंग हब के तौर पर अपनी इमेज बदलनी है, तो उसे न सिर्फ मिलिट्री एक्शन बल्कि सोशल और इकोनॉमिक सुधारों की भी जरूरत होगी। एल मेंचो की मौत एक सिंबॉलिक जीत हो सकती है, लेकिन असली लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है।
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