Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सीमा तनाव (Pakistan Afghanistan Conflict) अब खुली जंग का रूप ले चुका है। 21 फरवरी से शुरू हुई झड़पें 27 फरवरी की सुबह तब और तेज हो गईं, जब पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई इलाकों पर हवाई हमले किए। जवाब में अफगान तालिबान ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और कई पोस्ट पर कब्जे का दावा किया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा, ‘हमारा सब्र खत्म हो गया है, अब खुली जंग होगी।’ इस बयान ने क्षेत्रीय हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान का दावा- 133 तालिबान अधिकारी ढेर
पाकिस्तानी वायुसेना ने 27 फरवरी की सुबह कंधार और पाक्तिया सहित कई प्रांतों में तालिबान के सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि 133 तालिबान अधिकारी मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं।
पाकिस्तान का कहना है कि 27 अफगान पोस्ट तबाह किए गए, 9 पर कब्जा कर लिया गया और कई सैन्य मुख्यालय, गोला-बारूद डिपो और लॉजिस्टिक्स बेस नष्ट कर दिए गए। इसके अलावा 80 से ज्यादा टैंक, आर्टिलरी गन और एपीसी नष्ट करने का भी दावा किया गया है। हालांकि, अफगानिस्तान ने इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया है।
अफगानिस्तान का पलटवार – 55 पाकिस्तानी सैनिक मारने का दावा
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हेलमंद और कंधार सीमाओं पर पाकिस्तानी ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए गए हैं। अफगानिस्तान का दावा है कि 40 से 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 13 से अधिक पोस्ट तबाह या कब्जे में ले लिए गए।
तालिबान ने यह भी कहा कि उनके 8 सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए हैं। साथ ही एक पाकिस्तानी जेट (Pakistan Afghanistan Conflict) को मार गिराने का दावा भी किया गया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा अब तक स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
दुरंद रेखा पर सुलगता संघर्ष
झड़पों का केंद्र विवादित दुरंद लाइन है, जो पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा मानी जाती है। पाकिस्तान की ओर खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद, कुर्रम और बाजौर सेक्टरों में 26 फरवरी की रात से भारी गोलाबारी हुई। अफगानिस्तान की ओर नंगरहार, पाक्तिका, खोस्त, कंधार और हेलमंद में हवाई और जमीनी हमलों की खबरें हैं।
कुल मिलाकर छह अफगान प्रांत और पाकिस्तान के तीन सीमावर्ती (Pakistan Afghanistan Conflict) सेक्टर इस संघर्ष की चपेट में हैं। सीमा से लगे गांवों में दहशत का माहौल है और नागरिकों का पलायन शुरू हो गया है।
नागरिकों पर असर और मानवीय संकट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पक्तिका में विस्थापितों के एक शिविर पर ड्रोन हमले में 11 लोग घायल हुए। अफगानिस्तान (Pakistan Afghanistan Conflict) ने दावा किया है कि काबुल और अन्य शहरों में हुए हमलों में किसी नागरिक की मौत नहीं हुई, जबकि कुछ स्वतंत्र स्रोतों ने 18 नागरिकों की मौत की आशंका जताई है। सीमा के दोनों ओर स्कूल बंद कर दिए गए हैं और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो बड़ा शरणार्थी संकट खड़ा हो सकता है।
आगे क्या?
दोनों देशों के दावे और जवाबी दावे इस संघर्ष को और उलझा रहे हैं। क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका असर पड़ना तय है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से संयम बरतने की अपील की जा रही है, लेकिन जमीनी हालात तेजी से बदल रहे हैं। अगर यह टकराव (Pakistan Afghanistan Conflict) लंबा चला तो न सिर्फ दोनों देशों की सुरक्षा बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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