Surajkund Mela Jhula Accident: हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प महोत्सव के दौरान शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगे ‘सुनामी झूले’ के अचानक टूट जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे (Surajkund Mela Jhula Accident) में बचाव कार्य में जुटे पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पूरे मेला परिसर में हड़कंप मच गया।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6:15 बजे सुनामी झूले पर 26 लोग सवार थे। झूला पूरी रफ्तार में घूम रहा था, तभी उसका एक बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया। झूला गिरते (Surajkund Mela Jhula Accident) ही लोग इधर-उधर जा गिरे और चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया। इसी दौरान लोगों को बचाने की कोशिश में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घायलों का इलाज जारी
जिला प्रशासन के मुताबिक, हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं।
- 9 गंभीर घायलों को सुप्रीम अस्पताल में भर्ती कराया गया
- 4 लोगों का इलाज डीके अस्पताल में चल रहा है
प्रशासन ने बताया कि सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रतिक्रिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि, ‘फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड मेले के दौरान हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। दिवंगत व्यक्ति के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। घायलों के इलाज के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।’ सीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ितों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
हादसे के बाद फरीदाबाद पुलिस ने BNS की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। यह केस हिमाचल फन केयर के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो झूले का संचालन (Surajkund Mela Jhula Accident) कर रहा था।
SIT करेगी हादसे की गहराई से जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।
- ACP वरुण दहिया को SIT का प्रमुख बनाया गया है
- टीम में कुल तीन अधिकारी शामिल हैं
- जांच में यह पता लगाया जाएगा कि:
- झूला तकनीकी खामी से टूटा या लापरवाही हुई
- फिटनेस सर्टिफिकेट वैध था या नहीं
- सुरक्षा मानकों का पालन किया गया या नहीं
फॉरेंसिक टीम भी मौके से सबूत जुटा रही है।
टेंडर सिस्टम पर उठे सवाल
मेले में पिछले कई वर्षों से स्टॉल लगाने वाले अनीश वशिष्ठ ने मेला अथॉरिटी (Surajkund Mela Jhula Accident) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि झूलों के लिए हर साल करीब 4 करोड़ रुपये का टेंडर दिया जाता है। इतनी बड़ी रकम चुकाने के बाद संचालक मुनाफे के दबाव में सुरक्षा से समझौता कर लेते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ‘पैसे देकर सर्टिफिकेशन मिल जाता है, जिससे सुरक्षा मानकों की गंभीरता खत्म हो जाती है।’
मेला जारी, लेकिन झूला क्षेत्र बंद
जिला प्रशासन और मेला अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि सूरजकुंड मेला अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा, लेकिन झूला क्षेत्र को जांच पूरी होने तक बंद कर दिया गया है। साथ ही पूरे मेले की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
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