Shastri Nagar Flyover Plan: अगर आप भी मेरठ के हापुड़ चुंगी चौराहे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से परेशान हैं तो बता दें कि इस लंबे जाम से छुटकारा दिलाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, कलेक्ट्रेट से शास्त्री नगर तक 4 लेन का फ्लाईओवर बनने वाला है जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी नहीं होगी।
इसे लेकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बात करते हुए बताया है कि यूपी ब्रिज कॉरपोरेशन को इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश मिल चुके हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी।
यह फ्लाईओवर क्यों ज़रूरी है? (Shastri Nagar Flyover Plan)
एक सर्वे के मुताबिक, हापुड़ चुंगी पर हमेशा से ही भीषण जाम लगता आ रहा है, जिसे पार करने में कभी-कभी 20 से 25 मिनट तक का समय भी लग जाता है। जिसकी वजह से सरकारी दफ्तरों और आसपास के कुछ इलाकों के निवासियों की दिनचर्या में काफी प्रभाव पड़ता है। इन्ही दिक्कतों को देखते हुए कलेक्ट्रेट से शास्त्री नगर तक नया फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया है।

फ्लाईओवर की खासियत
रिपोर्ट्स के अनुसार इस फ्लाईओवर की लंबाई करीब 800 मीटर तक होगी जो की 4 लेन का होगा। जब ये त्यार हो जायगा तब एनएच-9 का ट्रैफिक रेलवे ओवरब्रिज डायमंड से लेकर शास्त्री नगर चौराहे होकर हापुड़ चुंगी से गुज़रेगा और वाया एएलटी सेंटर एनएच-58 मेरठ और दिल्ली तक जाएगा। वहीं, दिल्ली-साहिबाबाद से आने वाला ट्रैफिक भी वाया मोहननगर एवं ठाकुरद्वारा मोड़ से सीधे हापुड़ तक पहुंचेगा।

किन इलाकों को होगा फायदा? (Shastri Nagar Flyover Plan)
फ्लाईओवर बनने के बाद विकास भवन, कलेक्ट्रेट, कवि नगर, राज नगर, हरसांव, शास्त्री नगर, इंदरगढ़ी, डीएमई और गोविंदपुरम की तरफ जाने वाले सभी लोगों को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने वाली है। इसकी वजह से यात्रा का वक्त भी पहले से कम हो जायगा।

पुरानी योजना में आये बदलाव
आपको बता दें कि हापुड़ चुंगी पर फ्लाईओवर बनाने का जो विचार है वो लगभग 10 साल पुराना है। शुरुआती योजना के हिसाब से तो इसे एएटी चौराहे से हापुड़ चुंगी होते हुए कविनगर थाने के पास समाप्त होना चाहिए था, जिसकी लंबाई 1007 मीटर वहीं चौड़ाई 6 लेन प्रस्तावित की गयी थी। परन्तु यातायात पुलिस ने सुझाव दिया कि कविनगर थाने के पास फ्लाईओवर खत्म होने से वहां जाम लग सकता है।
इस वजह से योजना में बदलाव करते हुए इसे शास्त्री नगर चौराहे से थोड़ा आगे तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसे बनाने के लिए पहले 60 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था, जो अब बढ़कर लभग 100 करोड़ रुपये हो गया है।
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