आदिल चौधरी
Hapur News: पशुपालन विभाग में काम करने वाले पैरावेटो (पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ता) ने अपनी समस्याओं के बारे में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अभिषेक पांडे को ज्ञापन सौंपा।
उनकी कहना था कि युपीएलडीबी संस्था की ओर से एक साल से उन्हें प्रोत्साहन राशि मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।
Hapur News : नहीं मिलता निश्चित मानदेय
पैरावेट के जिला अध्यक्ष परमानन्द कुमार ने बताया कि पैरावेट पशुपालन विभाग की निगरानी में कृत्रिम गर्भाधान(नर पशु के वीर्य को ऑर्टिफिशल तरीके से प्रयोगशाला में विकसित कर मादा पशु को गर्भ धारण कराने का तरीका) , टीकाकरण, बधियाकरण(नसबंदी) , पशु गणना( जानवरों की गिनती और गौशालयों की नियमित रेख- देख व निराश्रित पशुओं( जिनके पास कोई घर न हो) का प्राथमिक उपचार करते हैं। लेकिन सरकार द्वारा उन्हें कोई भी निश्चित मानदेय नहीं दिया जाता।

Hapur News : भारत पशुधन पोर्टल अपलोड करते हैं काम
भारत सरकार की युपीएलडीबी संस्था के द्वारा उनसे कृत्रिम गर्भाधान का कार्य कराया जाता है जिसका भारत पशुधन पोर्टल पर कार्य को अपलोड करने पर पुरस्कृत राशि का भुगतान कार्य की समीक्षा कर दिया जाता है, लेकिन पिछले 1 वर्ष से उन्हें कोई भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है जिससे उनका परिवार बदहाली से गुजर रहा है।
Hapur News : युपीएलडीवी जल्द करे भुगतान
इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से अपनी इस समस्या के समाधान की बात कही। उनका कहना था कि युपीएलडीवी से प्रोत्साहन राशि के भुगतान को जल्द से जल्द कराया जाए ताकि पैरावेटो के परिवारों को आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े । इसके बाद उन्होंने अपनी इस समस्या के बारे में पैरावेटो मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से भी बातचीत की।
Hapur News : क्या होते हैं पैरावेट ?
पैरावेट दो शब्दों के मेल से बना हैं जिसमें पैरा जो कि एक ग्रीक शब्द हैं उसका अर्थ हैं सहायक, समानांतर या साथ-साथ” और वेट का अर्थ होता हैं पशु चिकित्सक। इन दोनों के मेल से एक शब्द बना पैरावेट। इसका अर्थ होता हैं कि पशु चिकित्सक का सहायक। इसका काम पशुपालन विभाग में पशुओं से जुड़े कार्य करना होता हैं।
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