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Hapur News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रिश्वतखोरी का ऑडियो वायरल, डॉक्टर को किया गया निलंबित

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Hapur News: हापुड़ गढ़ रोड स्तिथ सामूहिक स्वस्थ केंद्र (CHC) से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहा एक डॉक्टर पर सिज़ेरियन डिलीवरी के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा है। इस कथित बातचीत का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बाद स्वस्थ विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है।

वायरल ऑडियो में खुद को CHC अधिकारी बताने वाले डॉक्टर महेश चंद्र, एक आशा कार्यकर्ता से बातचीत में यह कहते सुने जा रहे हैं कि, “सरकारी अस्पताल का मतलब फ्री नहीं होता, हमारे भी खर्च होते हैं।” ऑडियो में वह एक डिलीवरी के लिए ₹8000 की मांग करते सुनाई दे रहे हैं, जबकि आशा कार्यकर्ता मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ₹5000-6000 देने की बात करती है। लेकिन डॉक्टर राशि कम करने को तैयार नहीं होता।

Hapur News: डॉ महेश चंद्र को अधीक्षक पद से हटाया

ऑडियो वायरल होते ही जिले के मुख्य चिकित्सक अधिकारी (CMO) डॉ सुनील कुमार त्यागी ने मामले को गंभीरता से लिया और डॉ महेश चंद्र को अधीक्षक पद से हटा दिया।

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ऑडियो वायरल होते ही जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील कुमार त्यागी ने मामले को गंभीरता से लिया और डॉ. महेश चंद्र को अधीक्षक के पद से हटाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में संबद्ध किया गया है। उनकी जगह शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नया अधीक्षक बनाया गया है।

Hapur News: पांच सदस्यीय जाँच समिति का किया गया गठन

स्वस्थ विभाग ने इस मामले की जाँच के लिए एक पांच सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया है, जो वायरल ऑडियो के सच और पूरे मामले की गहराई से जाँच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की करवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त प्रशासनिक कदम माना जाएगा।

Hapur News: लोगो का भड़का गुस्सा

स्थानीय जनता में इस घटना को लेकर बहुत गुस्सा है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज गरीबों के लिए मुफ्त या सस्ते तोर पर होना चाहिए, लेकिन जब वहां भी पैसे की मांग की जाएगी तो भरोसा कैसे बचेगा?

यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश साबित हो सकता है।अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि आरोपी डॉक्टर को सिर्फ ट्रांसफर की सजा दी जाएगी या कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

लेखक – पलक सागर

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