गुजरात के वडोदरा शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां वडोदरा बस दरवाजे में गर्दन फंसी होने के कारण 7 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। यह हादसा सूर्यनगर-तरसाली बाईपास से धन्यावी जाने वाले मार्ग पर स्थित एक रिपेयरिंग वर्कशॉप में हुआ, जहां खड़ी एक लग्जरी बस के ऑटोमैटिक दरवाजे में बच्चे की गर्दन फंस गई।
मां से प्रसाद लाने की बात कहकर निकला था घर से
मृतक बच्चे की पहचान दिव्येश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तरसाली बाईपास के पास रहने वाले एक श्रमिक परिवार का यह मासूम अपनी मां से मंदिर से प्रसाद लेकर आने की बात कहकर घर से निकला था। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिजन उसे तलाशने निकल पड़े। तलाश के दौरान दिव्येश वर्कशॉप में खड़ी बस के दरवाजे में फंसा हुआ मिला, उसकी गर्दन दरवाजे में लटकी हुई थी।
मौके पर जुटे लोगों ने बचाने की कोशिश की
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए और उन्होंने बच्चे को बस के दरवाजे से बाहर निकालने का प्रयास किया। इसके बाद उसे तुरंत 108 एम्बुलेंस के जरिए वडोदरा के सयाजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की अचानक हुई मौत से पूरे इलाके में मातम का माहौल छा गया।
15 मिनट का CCTV फुटेज गायब, बढ़ा शक
वडोदरा बस दरवाजे में गर्दन फंसी घटना की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में घटना से पहले और बाद की रिकॉर्डिंग तो मिल गई, लेकिन जिस समय हादसा हुआ, उस दौरान का करीब 15 मिनट का फुटेज उपलब्ध नहीं मिला। यह गायब फुटेज मामले को और संदिग्ध बना रहा है। शुरुआती तौर पर बिजली गुल होने को इसकी वजह बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच, कई सवाल अनसुलझे
कपुराई पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मामला दर्ज कर लिया और पंचनामा सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। फुटेज नहीं मिलने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर बच्चे की गर्दन बस के ऑटोमैटिक दरवाजे में किन परिस्थितियों में फंसी और हादसा कैसे हुआ। पुलिस अब वर्कशॉप कर्मचारियों से पूछताछ और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच में जुटी है, ताकि गायब फुटेज और हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और स्थानीय लोगों में बस वर्कशॉप की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


