Vaishno Devi : जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गईं गाजियाबाद की दो बहनें, चांदनी और नीरा, एक भीषण प्राकृतिक आपदा का शिकार हो गईं। बाढ़ और भूस्खलन ने न केवल इन दोनों बहनों की जिंदगी छीन ली, बल्कि उनके परिवार को गहरे सदमे में डुबो दिया।
हादसे में चांदनी और नीरा (43) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ गए मयंक गोयल, गीता गोयल, अमित और विधि गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
Vaishno Devi : पति के साथ निकली थी यात्रा पर
चांदनी की शादी अप्रैल 2025 में हुई थी, और वह अपने पति मयंक के साथ बागपत से इस यात्रा पर निकली थीं। मयंक एक व्यापारी परिवार से हैं। दूसरी ओर, नीरा अपने पति अमित और दो बच्चों जिसमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। उनके साथ मेरठ के मवाना में रहती थीं। अमित भी व्यवसाय से जुड़े हैं। दोनों बहनें गाजियाबाद के दिल्ली गेट इलाके से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता नंदकिशोर का निधन 20 साल पहले हो चुका था। मां सावित्री देवी (60), भाई मोहित और छोटी बहन हिना, जो अभी अविवाहित हैं, इस हादसे से पूरी तरह टूट गए हैं।

Vaishno Devi : चांदनी की हुई थी नई-नई शादी
स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों के अनुसार, चांदनी और नीरा परिवार की रीढ़ थीं। उनकी खुशमिजाजी और हिम्मत पूरे मोहल्ले के लिए प्रेरणा थी। चांदनी की नई-नई शादी और नीरा की बच्चों के प्रति समर्पण की बातें हर कोई याद कर रहा है। उनकी असमय मौत ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले को शोक में डुबो दिया। एक पड़ोसी ने कहा, “वे दोनों सबके लिए मिसाल थीं। यह हादसा किसी बुरे सपने से कम नहीं।”
Vaishno Devi : शव ससुराल रवाना
दोनों बहनों के शव परिवार को सौंप दिए गए हैं। परिवार के सदस्य शवों को लेकर चांदनी और नीरा के ससुराल के लिए रवाना हो चुके हैं। इस त्रासदी ने परिवार के सामने भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सावित्री देवी और बाकी परिवार के लिए यह दुख सहना आसान नहीं। स्थानीय समुदाय और रिश्तेदार परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
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