ब्यूरो
मनोज मिश्रा
Meerut News: वायु प्रदूषण की गंभीर होती समस्या को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को मेरठ में एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
मेरठ स्थित लाला लाजपत राय मेमोरियल (LLRM) मेडिकल कॉलेज में फॉर क्लीन एयर ने एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण व स्वास्थ्य पर गहन चर्चा की।
Meerut News: किसने किया कार्यक्रम का आयोजन
यह कार्यक्रम लंग केयर फाउंडेशन (LCF) और फॉर क्लीन एयर (MFFCA) ने मिलकर किया। जिसमें कॉलेज के छात्रों को वायु प्रदूषण से होने वाली गंभीर बीमारीयों से अवगत कराया गया इसके साथ ही कैसे वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है इसके उपाय भी साझा किये गए।

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आर.सी. गुप्ता अतिथि के रुप में उपस्थित हुए जिनको सम्मानित कर कार्यक्रम की शुरुआत की उनहोंनें कहा कि वायु प्रदूषण एक सार्वजनिक स्वास्थय समस्या है इसे कम करने के लिए आज के युवा को आगे आना चाहिए क्योंकि हमारी आज की पीड़ी के पास नए-नए आईडिया है।
Meerut News: छात्रों को कैसे किया प्रेरित
सत्र को संबोधित करते हुए सबसे पहले मेदांता गुड़गांव के प्रोफसर डॉ. BELAL ने बताया कि आज अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़े का कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियां फैल रही है। वायु प्रदूषण इसका एक बड़ा कारण बन चुका है, और इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य समुदाय की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। वहीं इसके बाद डॉ. राजीव खुराना ने छात्रों के लिए नेतृत्व विकास सत्र का संचालन किया और बताया कि कैसे युवा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़कर पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में अहम् भूमिका निभा सकते हैं।
#Meerut News : मेरठ में वायु प्रदूषण पर जागरूकता सत्र का आयोजन.
वायु प्रदूषण की गंभीर होती समस्या को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को मेरठ में एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। pic.twitter.com/GMbCw2sNfW
— Lokhit Kranti News (@KrantiLokh53958) August 6, 2025
Meerut News: सवालों से मिला समाधान
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया जिसमें छात्रों ने वायु गुणवत्ता से सम्बंधित सवाल किये और सुझाव भी दिये इस सत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के अनेक समाधान मिले वायु में सुधार के आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करती है।
लंग केयर फाउंडेशन देश की अग्रणी स्वास्थ्य संस्था है, जो पिछले एक दशक से फेफड़ों के स्वास्थ्य और स्वच्छ वायु अधिकार को लेकर जागरूकता, नीति हस्तक्षेप और सामुदायिक संवाद पर काम कर रही है।
लेखक : आँचल पांडेय



