01 जुलाई 2024 से भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम-2023 (BNSS 2023) की धारा 176 (3) को लागू किया गया हैं। इसके अनुसार पुलिस को 07 वर्ष या उससे अधिक की सजा के प्रावधान वाले अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ (Forensic Expert) से घटनास्थल का निरीक्षण कराना अनिवार्य किया गया है।
इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए राज्य के सभी कमिश्नरेट / जनपदों को मुख्यमंत्री के द्वारा 75 मोबाइल forensic van का राजधानी लखनऊ से फ्लैग ऑफ किया गया। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद को भी नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन फील्ड यूनिट आवंटित की गई हैं।
फोरेंसिक सपोर्ट के लिए अब तीन वैन
इसके साथ अब पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद में 03 फॉरेंसिक वैन कार्यशील हैं जिनके द्वारा कमशः नगर जोन, ग्रामीण जोन व ट्रांस-हिंडन जोन को आपराधिक घटनाओं में फोरेंसिक सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है।

क्या-क्या आधुनिक सुविधा हैं मौजूद ?
नवीन आवंटित फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक किट्स से सुसज्जित है एवं एक्सपर्ट्स द्वारा घटनास्थलों पर वैज्ञानिक साक्ष्यों के संग्रहण, पैकिंग, लेबलिंग, फॉरवर्डिंग के साथ रक्त, सीमेन ड्रग्स आदि की प्रारम्भिक जॉच मौके पर की जा सकेगी। इस वैन में Crime Scene Protection/Cordoning Kit, Crime Scene Evidence Collection Kit, Preservation and Packing kit, Crime Scene Preliminary Examination Kit, Crime Scene preliminary Narcotics Drug Detection Kit उपलब्ध है। यह फॉरेंसिक वैन प्रर्दशों को सुरक्षित लाने जे जाने के लिए छोटे रेफ्रिजरेटर तथा साक्ष्य संकलन, रिकार्डिंग हेतु Laptop, Video Camera, hard Disc etc से सुसज्जित है।
पारदर्शिता बढ़ेगी
फॉरेंसिक सपोर्ट की त्वरित उपलब्धता से न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और पीडित केंद्रित बनेगी जिससे उ०प्र० शासन की मंशा के अनुरूप अपराधियों को शीघ्र दंड मिल सके और पीड़ित को न्याय मिल सके।
जल्द मिलेगा फॉरेंसिक सपोर्ट
भारत में जल्द फॉरेंसिक सपोर्ट न मिल पाना भी एक बड़ी समस्या हैं जिसके कारण कई अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बच जाते हैं। अब यह वैन इस समस्या का भी समाधान बनेगी।
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