Honeytrap Case : महिला ने पहले भी कई लोगों को फंसाया
ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध नगर से चौंकाने वाली खबर सामने आई हैं। जहां पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए मकान मालिकों और उनके बेटों को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बादलपुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में एक युवती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Honeytrap Case : ऐसे करते थे हनीट्रैप
इस मामले में आरोपियों ने सादोपुर की झाल निवासी से 1 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन ढाई लाख रुपये में सौदा तय हो गया । पीड़ित ने 50 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन बाकी पैसे देने में देरी होने पर आरोपियों ने 112 नंबर पर कॉल कर दी थी। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। हनीट्रैप के इस बड़े गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद एनसीआर में ऐसे मामलों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

आरोपियों ने कबूल किया कि वे एनसीआर में संपन्न मकान मालिकों की रेकी करते थे, जो किरायेदार की तलाश में होते थे। गिरोह मकान को ऊंची कीमत पर किराये पर लेता था और युवती को किरायेदार बनाकर वहां भेजा जाता था। युवती मकान मालिक या उनके बेटे से नजदीकी बढ़ाती थी और आपसी बातचीत की रिकॉर्डिंग करती थी । जिसके बाद मालिक या उनके बेटे को कमरे में बुलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाती थी। इसके बाद ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूली जाती थी। पैसे न देने पर दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती थी।गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 38 वर्षीय बादल डेढ़ा उर्फ कालू (निवासी दिल्ली, न्यू अशोक नगर, दल्लुपुरा गांव), 22 वर्षीय प्रिंस (निवासी गाजियाबाद, अंकुर विहार, गांव गढ़ी कटैया), और 19 वर्षीय जेहरा (निवासी दिल्ली, सुल्तानपुरी) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
Honeytrap Case : पुलिस को ऐसे हुआ शक
डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि 22 फरवरी को डायल 112 पर एक युवती ने दुष्कर्म की सूचना दी। जांच में सामने आया कि घटना के वक्त युवती की बहन भी मौके पर थी और अन्य किरायेदारों की आवाजाही जारी थी। युवती से पूछताछ करने पर वह खुद को आरोपी बादल और प्रिंस की बहन बताने लगी, जिससे पुलिस को शक हुआ। जब पुलिस ने आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला, तो बादल पर दिल्ली, गौतमबुद्ध नगर और हापुड़ के विभिन्न थानों में 12 मामले दर्ज मिले। सख्ती से पूछताछ में गिरोह के पूरे खेल का खुलासा हो गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2 नवंबर 2024 को गाजियाबाद के अंकुर विहार में भी इसी तरह का मामला किया था। वहां मकान मालिक के नाबालिग बेटे पर झूठा दुष्कर्म का आरोप लगाकर 5.5 लाख रुपये वसूल लिए थे।



