Ghaziabad News : शिव शक्तिधाम डासना के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने सोमवार को जयपुर स्थित पिंकसिटी प्रेस क्लब में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि आगामी 11 से 19 दिसंबर 2025 तक राजस्थान की पुण्यभूमि पर मां बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह 9 दिवसीय महायज्ञ राष्ट्र व सनातन धर्म की रक्षा और धर्मविरोधी शक्तियों के प्रतिकार को समर्पित रहेगा।
Ghaziabad News : राष्ट्रविरोधी शक्तियों के खिलाफ खुला प्रतिकार
महायज्ञ के दौरान राष्ट्रविरोधी ताकतों का खुला प्रतिकार किया जाएगा। आयोजन पूर्णतः शास्त्रोक्त विधियों के अनुसार होगा, जिसमें देशी नस्ल की गायों के घृत और शुद्ध हवन सामग्री का उपयोग किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं को यज्ञ में आहुतियां देने का अवसर प्राप्त होगा। यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि जब तक सनातन धर्म की रक्षा नहीं होगी, तब तक मानवता की रक्षा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सनातन की रक्षा से ही मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा।
Ghaziabad News : ये सभी लोग रहे मौजूद
आगे उन्होंने बताया कि महायज्ञ के माध्यम से एक व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, राष्ट्र निर्माण और धर्म रक्षा के लिए समर्पित व्यक्तियों को संगठन से जोड़ा जाएगा। यह आयोजन धार्मिक चेतना, सामाजिक संगठन और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इस अवसर पर कई प्रमुख हिंदूवादी संगठन प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें चंद्रप्रकाश अग्रवाल, नारायण प्रजापत, पंडित विजय कौशिक, मयंक त्यागी, डॉ. उदिता त्यागी, शिव सिंह शेखावत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
Ghaziabad News : 20-21 दिसंबर को होगा गीता महाकुंभ
महायज्ञ के तुरंत बाद 20 और 21 दिसंबर को दो दिवसीय गीता महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम हवामहल विधायक और महामंडलेश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य जी की अध्यक्षता में संपन्न होगा। इस महाकुंभ में भारत सहित विदेशों से अनेक संत, गीता मनीषी और धर्माचार्य भाग लेंगे। गीता महाकुंभ का उद्देश्य भगवद गीता के वास्तविक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है, जिससे विश्व में मानवता और सनातन धर्म की पुनः प्रतिष्ठा की जा सके।
इस दौरान यति नरसिंहानंद गिरी ने ये भी बताया कि इन आयोजनों के बाद पूरे भारत में विशेष जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और समस्त सनातन समाज को संगठित व सशक्त बनाना है। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला इसके अंतर्गत शुरू की जाएगी।



