Ghaziabad News : शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने कांवड़ यात्रा की पवित्रता को लेकर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन धर्म की अत्यंत पवित्र परंपरा है, जिसे किसी म्लेच्छ (गैर-हिंदू) के स्पर्श से भी अपवित्र माना जाना चाहिए। महामंडलेश्वर अपने गुरु एवं जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरि जी महाराज से मुलाकात के लिए हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने डॉ. उदिता त्यागी और यति अभयानंद के साथ कांवड़ यात्रा की शुचिता बनाए रखने पर चर्चा की।
Ghaziabad News : पूजन और भोजन सामग्री में मिलावट पर जताई चिंता
यति नरसिंहानंद ने श्रीमहंत हरिगिरि को बताया कि पूर्व में कांवड़ यात्रा के दौरान पूजन सामग्री और भंडारे के भोजन में मिलावट की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें अखाद्य और अशुद्ध” वस्तुओं के शामिल होने का आरोप है। उन्होंने इन घटनाओं को धार्मिक परंपरा पर हमला बताते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने की अपील की।
Ghaziabad News : धार्मिक बयान में दी चेतावनी
हरिद्वार में माया देवी मंदिर में विधिवत पूजन के बाद, यति नरसिंहानंद ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यदि किसी पूजा सामग्री में म्लेच्छ का हाथ भी लगे, तो वह पूजा निष्फल हो जाती है। यही कारण है कि करोड़ों हिंदुओं की पूजा उपासना आज प्रभावहीन हो गई है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के धार्मिक मंत्र कलमा को भी विवादित रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह मंत्र हमारे धर्म और ईश्वर के विरुद्ध है। जो भी व्यक्ति इसमें विश्वास करता है, उससे धर्म कार्यों में दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
Ghaziabad News : सुर्खियों में रहते हैं यति नरसिंहानंद
आपको बता दें कि महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद अपने तीखे बयानों के चलते अक्सर विवादों में रहते हैं। पिछले वर्ष उनके डासना मंदिर पर कथित रूप से मुस्लिम समुदाय के 2000 से अधिक लोगों ने हमला किया था, जिसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें 15 दिनों तक विशेष सुरक्षा में रखा था।
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