Ghaziabad News : मुर्दे पर भी नही रहम करते ठग
गाजियाबाद के संभल से चौकानें वाली खबर सामने आई हैं। जहां संभल पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी हैं। वहां ऐसे गिरोह को पकड़ा गया है जो मृत लोगों के नाम पर कमाई कर रहा था । इस गिरोह ने गाजियाबाद के तीन मृतकों के नाम पर लगभग 27 लाख रुपये ठगे हैं।
Ghaziabad News : क्या हैं मामला ?
एसीपी संभल अनुकृति शर्मा ने बताया कि ये ठग बेहद शातिर तरीके के काम करते थे और पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह से लोनी देहात क्षेत्र की पूजा कॉलोनी में रहने वाले सौराज के दो मृत्यु प्रमाण पत्र बरामद हुए हैं। सौराज की कैंसर की बीमारी के चलते नौ नवंबर 2022 को मौत हो गई थी। पूजा कॉलोनी के निकट स्थित श्मशान घाट पर सौराज का अंतिम संस्कार भी किया गया। सौराज की मृत्यु के बाद गिरोह के सदस्यों ने मृतक की पत्नी रेनू को बहलाया फुसलाया और अपने पक्ष में कर लिया। जिसके बाद उन्होंने अपने मकसद को अंजाम दिया। उन्होंने रेनू को नामिनी बनाकर दो अलग-अलग कंपनी से सौराज की जीवन बीमा पॉलिसी ली। पहली पॉलिसी 29 नवंबर 2022 को मैक्स लाइफ से 8,50,000 रुपये की ली गई, जबकि दूसरी पॉलिसी 19,91,970 रुपये की पीएनबी मेटलाइफ से की गई । पुलिस ने शातिरों के घर से वास्तविक मृत्यु का प्रमाण पत्र और दूसरे मृत्यु प्रमाण पत्र को भी बरामद किया।
Ghaziabad News : किन्हें बनाते थे शिकार ?
संभल एसीपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि गिरोह आशा कार्यकर्ताओं व अन्य स्रोत से गांव के मृतकों और मरणासन्न लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाती गई । कैंसर रोगियों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता था। जिनके लंबे अरसे तक जीवित रहने की उम्मीद कम ही रहती है। इन मृतक लोगों के परिजन को लाखों रुपये दिलाने का झांसा देकर बीमा कर लिया जाता है। क्लेम के बाद मृतक की कुछ दिन पश्चात दोबारा मृत्यु दिखा दी जाती है। मृत्यु के बाद क्लेम का पैसा नोमिनी को मिलता हैं।
इसलिए गिरोह बीमाधारक के नोमिनी से डेबिट कार्ड और पासबुक अपने पास रख लेता है। साथ ही बैंक खाते में गिरोह का ही मोबाइल नंबर दिया जाता है। यह नंबर भी फर्जी कागजों से लिया जाता है। गिरोह का सरगना ओंकारेश्वर दो बीमा कंपनियों में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर रहा है। इसलिए उसकी बीमा कंपनियों और बैंक कर्मियों में गहरी साठगांठ है। एक बीमा धारक का लाखों का क्लेम लेने के बाद कुछ हजार रुपये नामिनी को दे दिए जाते हैं। बताया जा रहा हैं कि लोनी की रेनू सहित दो अन्य महिलाओं ने पति को जिंदा दर्शाकर इस गिरोह के सदस्यों से लाखों रुपये बीमा कराया है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी।



