ब्यूरो- फ़ारूक सिद्दीकी
Ghaziabad News : शहर के शाहिद नगर इलाके में कूड़े के ढेर और फैली दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि एक ओर सरकारी स्कूल, दूसरी ओर कब्रिस्तान, पास में पुलिस चौकी और कुछ ही दूरी पर वार्ड पार्षद का आवास इन सभी के बीच कूड़े का विशाल ढेर वर्षों से जमा है, लेकिन इसे साफ करने को लेकर नगर निगम की कोई ठोस पहल नहीं दिख रही।
Ghaziabad News : बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित
स्थानीय निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में उठती बदबू और गंदगी के कारण बच्चे स्कूल नहीं जाना चाहते, बुज़ुर्गों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं और महिलाएं घरों से निकलने में भी परहेज कर रही हैं। क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
Ghaziabad News : नगर निगम पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम अधिकारियों और पार्षद से सफाई की गुहार लगाई, लेकिन न तो कूड़ा उठाया गया, न ही कोई स्थायी समाधान किया गया है। लोगों का सवाल है क्या स्कूल के बच्चों को गंदगी में पढ़ाई करनी पड़ेगी? क्या कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रही चौकी के पास फैली गंदगी प्रशासनिक लापरवाही नहीं दर्शाती? क्या पार्षद का घर पास में होने के बावजूद यह स्थिति नगर निगम की निष्क्रियता नहीं दिखाती? शाहिद नगर के नागरिकों ने साफ कर दिया है कि अब वे बयानबाज़ी या आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। वे व्यवस्थित सफाई अभियान, कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था और जनस्वास्थ्य की रक्षा की मांग कर रहे हैं।
Ghaziabad News : कब जागेगा प्रशासन?
गाजियाबाद नगर निगम की ओर से इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम कब जागता है और शाहिद नगर के लोगों को इस दुर्गंध और बीमारी से मुक्ति दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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