Ghaziabad News : उत्तर प्रदेश में बिजली निजीकरण की तैयारी तेज हो गई है। चर्चा है कि प्रदेश के 42 जिलों की बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की योजना है। लेकिन बिजली के निजीकरण के लिए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु होने से बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में आज यानी 13 जनवरी को पूरे प्रदेश में बिजली कर्मी काली पट्टी बांधेंगे विरोध सभा करेंगे। जिसके बाद अगले कार्यक्रमों को घोषणा की होगी।
Ghaziabad News : लखनऊ से लेकर गाजियाबाद तक विरोध
दरअसल, आज 13 जनवरी को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियन्ता पूरे दिन विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधेंगे। राजधानी लखनऊ समेत सभी जिलों, परियोजनाओं पर विरोध सभाएं करेंगे। संघर्ष के अगले कार्यक्रमों की घोषणा कल की जाएगी।
Ghaziabad News : सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
संघर्ष समिति गाजियाबाद के पदाधिकारियों आलोक त्रिपाठी, अरशद अली, योगेंद्र कुमार, अरविंद सूर्या, अभिमन्यु, अरुण नागर, ललित कुमार, पंकज भारद्वाज, वाहिद अली, राज सिंह, विजय शर्मा एवं धीरज त्यागी ने एनर्जी टास्क फोर्स द्वारा निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट नियुक्त करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि 5 दिसम्बर को भी एनर्जी टास्क फोर्स ने इसी प्रकार का निर्णय लिया था। यह निर्णय क्या था और इसे क्यों निरस्त करना पड़ा इसे आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के सामने रखना चाहिए।
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