Ghaziabad News : गाजियाबाद जिले में बिजली कर्मियों ने निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए बिजली भवन को घेर लिया। विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मचारी शामिल हुए और निजीकरण के फैसले के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि बिजली के निजीकरण के पीछे भारी भ्रष्टाचार को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से हमारी अपील है कि वे प्रभावी हस्तक्षेप कर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त कराएं।
Ghaziabad News : निजीकरण के पीछे भ्रष्टाचार की आशंका
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने बिजली के निजीकरण के पीछे भारी भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे प्रभावी हस्तक्षेप कर निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त कराएं। संघर्ष समिति के आह्वान पर हजारों बिजली कर्मचारियों ने शक्ति भवन, मुख्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

Ghaziabad News : प्रदेशभर में निजीकरण का विरोध
बिजली कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के चलते निजीकरण हेतु ट्रांजैक्शन कन्सल्टेंट नियुक्त करने की टेक्निकल बिड नहीं खोली जा सकी। कोयल एंक्लेव लोनी में हुए विरोध प्रदर्शन में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों अमित त्रिपाठी, अरशद अली, योगेंद्र कुमार, अरविंद सूर्या, अभिमन्यु, अरुण नागर, ललित कुमार, पंकज भारद्वाज, वाहिद अली, राज सिंह, विजय शर्मा एवं धीरज त्यागी ने संबोधित किया। इस दौरान ऐसासिएशन के नेता आलोक त्रिपाठी, शेर सिंह त्यागी ने कहा कि आज पूरे प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। गाजियाबाद में हम लंबे समय से निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। संघर्ष समिति के विरोध के चलते आज टेकनिकल बिड नहीं खोली जा सकी।
ऐसासिएशन के नेताओं के अनुसार, टेक्निकल बिड खोले जाने की अगली तारीख 10 मार्च निर्धारित हुई है। संघर्ष समिति के आह्वान पर राजधानी लखनऊ के अलावा प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजना मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किए गए है। संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि जब तक निजीकरण की चल रही प्रक्रिया पूरी तरह निरस्त नहीं की जाती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।



