Ghaziabad News : गाजियाबाद का ऐतिहासिक श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर न केवल देश में, बल्कि पूरे विश्व में अपनी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर से लंका नरेश रावण के पिता से लेकर रावण और छत्रपति शिवाजी महाराज तक पूजा-अर्चना कर चुके हैं। मंदिर की ऐतिहासिकता को देखते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इस मंदिर के जीर्णोद्वार का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। जिसके तहत अब मुख्य द्वार के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यात्री निवास का कार्य भी शुरू होने जा रहा है। कॉरिडोर का कार्य पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया जा रहा है।
Ghaziabad News : पीएम-सीएम को कहा धन्यवाद
बता दें कि निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज व मंदिर के पीठाधीश्वर श्री पंच दशनाम जूना अखाडा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व हिंदू यूनाइटिड फ्रंट के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद कहा है।

Ghaziabad News : पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
साथ ही कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर भगवान राम का भव्य मंदिर बना और 500 वर्ष के बाद रामलला विराजमान हुए। आज अयोध्या का भव्य मंदिर पूरे विश्व में धर्म व आध्यात्म का प्रमुख केंद्र बन गया है। देश भर में प्रमुख मंदिरों के जीर्णोद्वार व सौंदर्यकरण का कार्य किया जा रहा है, जिससे सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में फहरा रहा है। श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर ऐतिहासिक व सिद्धपीठ है। इस मंदिर की स्थापना खुद लंकापति रावण के पिता ऋषि विश्रवा ने की थी। रावण भगवान दूधेश्वर की पूजा करने के लिए आता था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के साथ मंदिर का जीर्णोधार भी कराया था।
महाराजश्री ने कहा कि मंदिर की बहुत अधिक मान्यता होने से यहां विश्व भर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए आते हैं। मंदिर में कॉरिडोर बनने से जहां उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और धर्म व आध्यात्म की पताका फहराएगी, वहीं बडी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा।



