Ghaziabad News: कभी मेरठ की एक तहसील हुआ करता था जिला ग़ाज़ियाबाद। तहसील से जिला बने आज ग़ाज़ियाबाद को 48 वर्ष पूरे हो गए है। 14 नवंबर, 1976 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिवस पर गाजियाबाद को जिला घोषित किया गया था।
आबादी हुआ करती थी केवल 1.60 लाख
जिला घोषित होने के समय ग़ाज़ियाबाद की आबादी मात्र 1.60 लाख हुआ करती थी। कवी नगर बस रहा था और राजनगर में हरे भरे खेत हुआ करते थे। यातायात का भी कोई साधन नहीं था। शिक्षा और चिकित्सा के मामले में ग़ाज़ियाबाद दिल्ली और मेरठ पर निर्भर हुआ करता था। लेकिन आज की बात की जाए तो ग़ाज़ियाबाद मेरठ से भी आगे निकल चुका है, और एक विक्सित जिला बन चुका है। आगे बढ़ने के साथ साथ इस जिले पर प्रदुषण का दाग भी लग गया। और आज स्थिति इतनी ख़राब हो चुकी है की देश के कुछ प्रदूषित शहरों की सूची में ग़ाज़ियाबाद का भी नाम शामिल हो चुका है।
सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस है
गाजियाबाद के पास भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण एयरबेस है। हिंडन एयरपोर्ट है, मेट्रो है और हवा से बातें करने वाली नमो भारत ट्रेन है। गाजियाबाद के पास पूरी दुनिया में अपना डंका बजाने वाली सीबीआई की एकेडमी भी है।
बड़ा एजुकेशन हब
गाजियाबाद एक बड़ा एजुकेशन हब है, जहां मेडिकल और इंजीनियरिंग के अलावा मैनेजमेंट, जर्नलिज्म और तमाम विषयों में पढ़ाई करने के अवसर हैं। गाजियाबाद के पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर का यूनानी मेडिकल कॉलेज और इंस्टीट्यूट भी है।



