Ghaziabad Cyber Crime Action: गाजियाबाद पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पिछले चार महीनों में कुल 5546 मोबाइल नंबर और 7064 IMEI नंबर ब्लॉक कर दिए हैं। यह कदम उन जालसाजों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है, जो विदेश से ठगी कर रहे थे और एक ही मोबाइल या IMEI नंबर का इस्तेमाल करके कई लोगों को निशाना बना रहे थे। पुलिस का कहना है कि यह तकनीकी रणनीति ठगी के नेटवर्क को कमजोर करने में कारगर साबित हो रही है।
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Ghaziabad Cyber Crime Action: पहले कम थी कार्रवाई, अब बड़ी संख्या में ब्लॉकिंग
सितंबर 2025 तक मोबाइल और IMEI ब्लॉकिंग की संख्या बहुत कम थी। इसके कारण साइबर ठग आसानी से एक ही नंबर या डिवाइस से कई लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। लेकिन अब गाजियाबाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बड़े पैमाने पर नंबर और डिवाइस ब्लॉक करने का काम तेज कर दिया है। इससे साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर काफी अंकुश लगा है। पुलिस के अनुसार, हर नंबर और डिवाइस को ब्लॉक करने का उद्देश्य यही है कि कोई भी साइबर जालसाज एक ही मोबाइल या IMEI से बार-बार ठगी न कर सके। इससे अपराध का नेटवर्क कमजोर होता है और नई ठगी की घटनाओं पर रोक लगती है।
Ghaziabad Cyber Crime Action: NCRP पोर्टल से रकम फ्रीज करने की व्यवस्था
गाजियाबाद पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से एक और अहम कदम उठाया है। शिकायत आने के एक घंटे के भीतर संबंधित बैंक को सूचना दी जाती है, ताकि ठगी गई रकम को फ्रीज किया जा सके। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में करीब 28 – 29 प्रतिशत ठगी गई रकम फ्रीज कराई गई थी। जनवरी तक यह संख्या और बढ़ी, जिससे लोगों को उनके पैसों की सुरक्षा मिल रही है। यह व्यवस्था साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है।
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Ghaziabad Cyber Crime Action: 24 घंटे सक्रिय साइबर हेल्प डेस्क
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस ने साइबर हेल्प डेस्क को 24 घंटे सक्रिय किया है। यहां पुलिसकर्मी तैनात हैं ताकि कोई भी शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज से सतर्क रहें। किसी भी अज्ञात नंबर से आई कॉल पर तुरंत भरोसा न करें और अगर कोई ठगी की कोशिश नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
Ghaziabad Cyber Crime Action: टेक्निकल रणनीति से साइबर ठगों पर दबाव
मोबाइल और IMEI ब्लॉकिंग का यह कदम ठगों के नेटवर्क को कमजोर करने में काफी मददगार साबित हो रहा है। एक ही डिवाइस से बार-बार ठगी की घटनाओं पर रोक लगने से अपराधियों की योजना बाधित होती है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में इस कार्रवाई को और तेज किया जाएगा। नए तकनीकी उपकरण और मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी जालसाज आसानी से लोगों को निशाना न बना सके।
Ghaziabad Cyber Crime Action: साइबर सुरक्षा के लिए जनता की भूमिका भी अहम
गाजियाबाद पुलिस की कार्रवाई के बावजूद, लोगों की सतर्कता भी बहुत जरूरी है। ठगी से बचने के लिए लोग कुछ आसान कदम उठा सकते हैं किसी अज्ञात नंबर से कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। बैंक या अन्य संस्थानों से आए लिंक पर सीधे क्लिक न करें। अगर कोई फर्जी ट्रांजेक्शन या ठगी की कोशिश हो, तो तुरंत NCRP पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। अपने मोबाइल और IMEI नंबर की सुरक्षा रखें और अनजान एप्स इंस्टॉल न करें।
Ghaziabad Cyber Crime Action: साइबर जालसाजों पर सख्त नजर
गाजियाबाद पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए चेतावनी है। अब जालसाज आसानी से लोगों को ठगा नहीं सकते। मोबाइल और IMEI ब्लॉकिंग के साथ-साथ 24 घंटे हेल्प डेस्क और बैंक रकम फ्रीज करने की व्यवस्था ने ठगी के नेटवर्क को काफी कमजोर कर दिया है।
पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में यह कार्रवाई और तेज होगी, ताकि साइबर अपराध पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सके और लोग सुरक्षित डिजिटल वातावरण में काम कर सकें। गाजियाबाद पुलिस की यह तकनीकी और सक्रिय रणनीति पूरे NCR क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन गई है। अब साइबर ठगों के लिए हर कदम पर निगरानी है और उनकी योजना विफल होने की संभावना अधिक है।
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